9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान परमाणु समझौते को मंजूरी में लग सकते हैं कुछ दिन, ट्रंप बोले — 'जल्दबाजी नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान परमाणु समझौते को मंजूरी में लग सकते हैं कुछ दिन, ट्रंप बोले — 'जल्दबाजी नहीं'

सारांश

ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते पर कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो सकते हैं, लेकिन खुद ट्रंप ने 'जल्दबाजी न करने' की हिदायत दी है। 2015 के ओबामा-युग समझौते को 'सबसे खराब' बताते हुए उन्होंने मौजूदा वार्ता को उसका उल्टा करार दिया।

मुख्य बातें

व्हाइट हाउस के अनुसार, ईरान के साथ परमाणु समझौते को मंजूरी मिलने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने माना कि बातचीत अभी 'फाइनल' नहीं हुई और डील टूटने की संभावना भी बनी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा — 'जल्दबाजी में कोई समझौता न हो'; ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदी समझौते तक जारी रहेगी।
ट्रंप ने 2015 के ओबामा -युग ईरान परमाणु समझौते को 'अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब समझौतों में से एक' बताया।
ट्रंप ने सऊदी अरब, UAE, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से इस मुद्दे पर बातचीत की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 25 मई 2025 को संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता में समझौते को ईरानी नेतृत्व की औपचारिक मंजूरी मिलने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत अभी पूरी तरह अंतिम रूप नहीं ले पाई है और यह डील टूटने की संभावना भी बनी हुई है।

वार्ता की मौजूदा स्थिति

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालाँकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वार्ता अभी 'फाइनल' नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह संभावित समझौता दीर्घकालिक स्थायित्व वाला होगा या नहीं, और क्या इसमें अमेरिका की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी माँगों का समाधान निकलेगा।

ट्रंप की चेतावनी — 'समय हमारे पक्ष में'

रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे 'जल्दबाजी में कोई समझौता न करें', यह कहते हुए कि 'समय हमारे पक्ष में है।' उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "दोनों पक्षों को समय लेना चाहिए और सही तरीके से फैसला करना चाहिए।" ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी पाबंदियाँ तब तक पूरी तरह लागू रहेंगी, जब तक कोई समझौता आधिकारिक रूप से तय होकर हस्ताक्षरित नहीं हो जाता।

ओबामा-युग के समझौते पर तीखी आलोचना

ट्रंप ने मौजूदा वार्ता का बचाव करते हुए 2015 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते की कड़ी आलोचना की। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में उन्होंने उस समझौते को 'अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब समझौतों में से एक' बताया और आरोप लगाया कि उसने ईरान को परमाणु हथियार बनाने की 'सीधी राह' दी। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन जो समझौता कर रहा है, वह उस पुराने समझौते के 'बिल्कुल विपरीत' है।

क्षेत्रीय समझौते की रूपरेखा

ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान और कई मध्य-पूर्वी देशों के बीच एक बड़ा क्षेत्रीय समझौता लगभग तैयार हो चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि इस मुद्दे पर उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से बातचीत की है। यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।

आगे क्या होगा

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते की अंतिम रूपरेखा और उस पर ईरानी नेतृत्व की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम पर ईरान की शर्तें और अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत की माँग इस वार्ता के सबसे जटिल बिंदु बने हुए हैं। यदि समझौता सफल होता है, तो यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सार्वजनिक संदेश वार्ता-मेज़ की असली स्थिति से अलग हो सकता है। 2015 के JCPOA की आलोचना करना घरेलू राजनीति के लिए सुविधाजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि नया समझौता परमाणु संवर्धन की सीमाओं और सत्यापन तंत्र पर कितना ठोस होगा। मध्य-पूर्व के आठ देशों के नेताओं से बातचीत का उल्लेख बताता है कि अमेरिका इसे द्विपक्षीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय ढाँचे में देख रहा है — जो महत्वाकांक्षी है, लेकिन जटिलता भी कई गुना बढ़ा देता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के साथ अमेरिकी परमाणु समझौते की मौजूदा स्थिति क्या है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते को ईरानी नेतृत्व की मंजूरी मिलने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। बातचीत अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुई है और डील के टूटने की संभावना भी बनी हुई है।
ट्रंप ने ईरान समझौते पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि दोनों पक्षों को 'समय लेकर सही तरीके से फैसला करना चाहिए' और अपने प्रतिनिधियों को जल्दबाजी से बचने की हिदायत दी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक समझौता आधिकारिक रूप से हस्ताक्षरित नहीं होता, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी पाबंदियाँ पूरी तरह लागू रहेंगी।
ट्रंप ने 2015 के ओबामा-युग ईरान परमाणु समझौते की आलोचना क्यों की?
ट्रंप ने 2015 के JCPOA को 'अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब समझौतों में से एक' बताया और आरोप लगाया कि उसने ईरान को परमाणु हथियार बनाने की सीधी राह दी। उन्होंने दावा किया कि उनका प्रशासन जो समझौता कर रहा है, वह उस पुराने समझौते के बिल्कुल विपरीत है।
क्या यह समझौता सिर्फ अमेरिका-ईरान के बीच होगा या क्षेत्रीय भी होगा?
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान और कई मध्य-पूर्वी देशों के बीच एक बड़ा क्षेत्रीय समझौता लगभग तैयार है। उन्होंने सऊदी अरब, UAE, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से इस विषय पर बातचीत की है।
क्या इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी माँगें शामिल होंगी?
रिपोर्टों के अनुसार, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि समझौते में अमेरिका की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी माँगों का समाधान निकलेगा या नहीं। यह भी अनिश्चित है कि यह संभावित समझौता दीर्घकालिक स्थायित्व वाला होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले