ट्रंप का ईरान के साथ समझौते का संकेत: बातचीत में तेजी
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते का संकेत दिया।
- अमेरिका के हमलों ने ईरान की सेना को कमजोर किया।
- ईरान ने कई अमेरिकी शर्तों को मान लिया है।
- ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने चाहिए।
- क्षेत्र के कई देश अमेरिका के साथ खड़े हैं।
वॉशिंगटन, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक समझौता जल्द ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के हालिया हमलों ने ईरान की सेना और नेतृत्व को कमजोर किया है, जिससे बातचीत में तेजी आई है।
ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो से लौटते समय एयर फोर्स वन में प्रेस से कहा, “मुझे लगता है कि ईरान के साथ एक समझौता हो सकता है और यह जल्द ही संभव है।”
उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे और परोक्ष दोनों तरीकों से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम उनके साथ सीधे बात कर रहे हैं और अन्य माध्यमों के जरिए भी।”
ट्रंप ने इन वार्ताओं को हाल के सैन्य हमलों से जोड़ा और दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “हमने उनके 158 जहाज, उनकी पूरी नौसेना, वायुसेना और ज्यादातर मिसाइलों को नष्ट कर दिया।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के बाद ईरान के नेतृत्व में बदलाव आया है। उनके अनुसार, “अब वहां नया नेतृत्व है, जो पहले से ज्यादा समझदारी से व्यवहार कर रहा है।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका की कई शर्तों को मान लिया है। उन्होंने कहा, “हमने उनसे 15 मांगें रखी थीं और अधिकांश मुद्दों पर वे सहमत हैं।”
इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के प्रति सद्भाव दिखाते हुए तेल प्रदान किया है। “उन्होंने हमें कई बड़े तेल से भरे जहाज दिए हैं और आज भी 20 और जहाज देने की बात कही है, जिनकी आपूर्ति कल से शुरू होगी।”
हालांकि, ट्रंप ने माना कि अभी अंतिम समझौते को लेकर पूरी तरह से निश्चितता नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि समझौता हो जाएगा, लेकिन यह भी संभव है कि न हो।”
अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प हैं। “हमारे पास वहां काफी सैन्य ताकत है और हमारे पास कई विकल्प हैं।”
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उन्होंने सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों, क्योंकि यदि उनके पास यह होगा तो वे इसका तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।”
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने शर्तें नहीं मानीं, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा, “उन्हें परमाणु हथियार छोड़ने होंगे, तभी वे फिर से एक मजबूत देश बन सकते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो उनका देश भी खतरे में पड़ सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के कई देश अब अमेरिका के साथ खड़े हैं। सऊदी अरब, कतर और यूएई सभी जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं और वे पूरी तरह हमारे साथ हैं।