23 जुलाई 2026
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ईरान परमाणु समझौते के लिए अभी तैयार नहीं, लेकिन जल्द होगा: ट्रंप का जॉर्जिया रैली में दावा

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ईरान परमाणु समझौते के लिए अभी तैयार नहीं, लेकिन जल्द होगा: ट्रंप का जॉर्जिया रैली में दावा

सारांश

ट्रंप ने जॉर्जिया रैली में साफ किया — ईरान दबाव में है, समझौता चाहता है, लेकिन हर बार शर्तें बदल देता है। अमेरिका परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के संकल्प पर अडिग है। होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 20% वैश्विक तेल की सुरक्षा और भारत जैसे आयातक देशों की चिंता इस तनाव के केंद्र में है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जुलाई को जॉर्जिया रैली में कहा कि ईरान परमाणु समझौते के लिए अभी तैयार नहीं, लेकिन जल्द होगा।
ट्रंप के अनुसार तेहरान हर बार वार्ता में अपनी शर्तें बदल देता है; अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ट्रंप ने डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर ईरान संघर्ष में शहीद 4 अमेरिकी सैनिकों के सम्मान समारोह में भाग लिया।
ट्रंप का दावा — ईरान में पिछले 12 महीनों में 52,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई (स्वतंत्र पुष्टि नहीं)।
अमेरिका और वेनेजुएला के पास मिलाकर दुनिया के लगभग 62% तेल संसाधन होने का दावा; होरमुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक कच्चे तेल का 20% गुजरता है।
भारत समेत बड़े तेल आयातक देश खाड़ी तनाव के असर पर नजर बनाए हुए हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जुलाई को जॉर्जिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान भारी सैन्य दबाव के बावजूद अभी परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं है, लेकिन उनका दावा है कि तेहरान 'बहुत जल्द' इस दिशा में आगे बढ़ेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

रैली में क्या बोले ट्रंप

ट्रंप ने जॉर्जिया की इस सभा में ईरान के साथ चल रहे तनाव को 'एक छोटी झड़प' बताया और इसे अमेरिका की वैश्विक ताकत बहाल करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा, 'शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। चुनाव के बाद से शेयर बाजार 73 बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुका है।' इस सैन्य तनाव को उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों के भरोसे से जोड़कर पेश किया।

ईरान पर ट्रंप का सीधा संदेश

परमाणु वार्ता पर ट्रंप ने कहा, 'उन पर जबरदस्त दबाव है और वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन हर बार जब समझौते की बात होती है तो वे अपनी शर्तें बदल देते हैं। वे अभी तैयार नहीं हैं, लेकिन बहुत जल्द तैयार हो जाएंगे।' उन्होंने यह भी दोहराया, 'हमें यह करना ही होगा, क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।'

ट्रंप ने होरमुज़ जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला के बढ़े हुए तेल उत्पादन के चलते अमेरिका इस जलमार्ग पर पहले जितना निर्भर नहीं रहा। उनके अनुसार, 'अमेरिका और वेनेजुएला को मिलाकर हमारे पास दुनिया के लगभग 62 प्रतिशत तेल संसाधन हैं।'

शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि

रैली से पूर्व ट्रंप ने डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर ईरान संघर्ष में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में आयोजित 'डिग्निफाइड ट्रांसफर' समारोह में भाग लिया। उन्होंने शहीद सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहान के परिवार — माँ शेरी, पिता स्टीफन और चाचा डेविड — से मुलाकात का जिक्र किया और उन्हें एयर फ़ोर्स वन पर यात्रा का निमंत्रण दिया। ट्रंप ने कहा, 'टायलर की याद हमेशा हमारे दिलों में रहेगी।'

ईरान में दमन के आरोप

ट्रंप ने ईरानी सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ व्यापक दमन का आरोप लगाया। उनके दावे के अनुसार पिछले 12 महीनों में 52,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है — हालांकि इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को पर्याप्त मीडिया कवरेज नहीं मिली।

भारत और वैश्विक ऊर्जा पर असर

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर रहा है। होरमुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया में कारोबार होने वाले कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल भारत भी खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखता है, क्योंकि इनका सीधा असर तेल आपूर्ति, समुद्री मालभाड़े और महंगाई पर पड़ता है। आने वाले हफ्तों में ईरान-अमेरिका वार्ता की दिशा तय करेगी कि यह तनाव कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ता है या और गहराता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि ईरान के साथ परमाणु वार्ता दशकों से इसी 'जल्द' के इर्द-गिर्द घूमती रही है। 52,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या का आँकड़ा बेहद गंभीर है, लेकिन इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं है — मुख्यधारा की रिपोर्टिंग इस दावे को बिना सत्यापन के दोहराने से बचती है, जो सही है। होरमुज़ पर अमेरिकी निर्भरता घटने का तर्क भी अधूरा है — भारत, चीन और यूरोप अभी भी उस मार्ग पर निर्भर हैं, और किसी भी व्यवधान का असर वैश्विक होगा, सिर्फ अमेरिकी नहीं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते पर क्या कहा?
ट्रंप ने 23 जुलाई को जॉर्जिया रैली में कहा कि ईरान अभी परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं है क्योंकि वह हर बार वार्ता में अपनी शर्तें बदल देता है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि तेहरान 'बहुत जल्द' समझौते के लिए तैयार हो जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव क्यों है?
अमेरिका का संकल्प है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। इसी को लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव चल रहा है, जिसमें ईरान संघर्ष में चार अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।
होरमुज़ जलडमरूमध्य का इस तनाव में क्या महत्व है?
होरमुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल कारोबारी कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी बाधा का वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और भारत जैसे बड़े आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।
भारत पर अमेरिका-ईरान तनाव का क्या असर हो सकता है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है और खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है। यदि होरमुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान आता है तो इसका असर भारत में तेल आपूर्ति, समुद्री मालभाड़े और महंगाई पर पड़ सकता है।
ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी सरकार ने पिछले 12 महीनों में 52,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या की है। हालांकि इस आँकड़े की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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