क्या सबरीमाला खजाना चोरी की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाएगी?: गृह मंत्री अमित शाह
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार का मुद्दा केरल में महत्वपूर्ण है।
- सबरीमाला खजाने की चोरी की जांच के लिए निष्पक्ष एजेंसी की आवश्यकता है।
- एलडीएफ और यूडीएफ के शासन ने भ्रष्टाचार को बढ़ाया है।
- एनडीए को मौका देना आवश्यक है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है।
तिरुवनंतपुरम, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित केरल कौमुदी कॉन्क्लेव में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के लगातार शासन से भ्रष्टाचार का स्तर बढ़ा है, क्योंकि दोनों दल अपने भ्रष्टाचार की जांच करने में असफल रहे हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि 343 करोड़ रुपए का सहकारी बैंक घोटाला, एआई कैमरा घोटाला, लाइफ मिशन घोटाला और पीपीई किट खरीद घोटाला जैसे महत्वपूर्ण मामलों की पूरी जांच नहीं की गई है।
अमित शाह ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ एक-दूसरे को इन भ्रष्ट गतिविधियों से बचाते हैं। यदि केरल को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चाहिए, तो एनडीए को सत्ता में आने का मौका देना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि जब हमने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया, तो दोनों दलों ने या तो इस निर्णय का समर्थन नहीं किया या इसका विरोध किया। एसडीपीआई जैसी पार्टियां केरल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं हैं। सह-अस्तित्व में विश्वास न करने वाले लोग राज्य की रक्षा नहीं कर सकते।
उन्होंने आगे कहा कि एनडीए की सरकार ही केरल को भ्रष्टाचार मुक्त शासन, 'बिना भेदभाव सेवा वितरण' और 'बिना किसी वोट बैंक राजनीति के दृष्टिकोण' प्रदान कर सकती है।
मैंने आज मुख्यमंत्री के सामने यह मांग रखी कि सबरीमाला खजाने की चोरी की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए। यह आवश्यक है कि सभी को शासन में विश्वास हो। सिस्टम में जनविश्वास बनाए रखने के लिए यह जांच जरूरी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम एक ऐसी राजनीति की कल्पना करते हैं जो राजनीति से ऊपर उठकर प्रदर्शन आधारित हो। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में हर शिकायत का समाधान किया जाएगा और तुष्टीकरण की जगह विकास होना चाहिए।