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वायनाड भूस्खलन: टनल रोड हादसे में मृतकों की संख्या 7 हुई, केरल हाईकोर्ट ने माँगी रिपोर्ट

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वायनाड भूस्खलन: टनल रोड हादसे में मृतकों की संख्या 7 हुई, केरल हाईकोर्ट ने माँगी रिपोर्ट

सारांश

वायनाड की टनल रोड परियोजना स्थल पर भूस्खलन में मृतकों की संख्या 7 पहुँची, एक व्यक्ति अभी लापता। केरल हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब की और विशेषज्ञ जाँच समिति गठित हुई — अब सवाल यह है कि यह प्राकृतिक आपदा थी या प्रशासनिक चूक।

मुख्य बातें

वायनाड के कल्लाडी क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के पास टनल रोड निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या 10 जुलाई को बढ़कर 7 हो गई।
अभी भी एक व्यक्ति लापता है; NDRF , पुलिस, वन विभाग और स्वयंसेवक संयुक्त तलाशी अभियान चला रहे हैं।
सतीसन ने परियोजना की सुरक्षा प्रक्रियाओं की जाँच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की।
केरल उच्च न्यायालय ने घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
विजयन और राजस्व मंत्री ए.पी.
अनिल कुमार के बीच परियोजना मंजूरी प्रक्रिया को लेकर तीखी बयानबाजी जारी है।

केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी क्षेत्र स्थित मीनाक्षी ब्रिज के निकट निर्माणाधीन टनल रोड परियोजना के पास हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या शुक्रवार, 10 जुलाई को बढ़कर सात हो गई, जब बचाव दल ने मलबे से एक और शव निकाला। अभी भी एक व्यक्ति लापता है और उसकी तलाश में अभियान जारी है। इस त्रासदी ने परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

बचाव अभियान की स्थिति

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), अग्निशमन एवं बचाव विभाग, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीम लापता व्यक्ति की खोज में जुटी है। मलबा हटाने के लिए JCB और अन्य भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। हालाँकि, रुक-रुककर हो रही बारिश और भूमि की अस्थिरता के कारण अभियान की गति धीमी है।

गुरुवार तक मलबे से तीन और पीड़ितों को निकाले जाने के बाद कुल छह शव बरामद हो चुके थे। शुक्रवार को एक और शव मिलने से यह संख्या सात पहुँच गई।

राजनीतिक टकराव

हादसे के बाद परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विपक्ष के नेता पी. विजयन ने गुरुवार को कहा कि इस वर्ष परियोजना को स्वीकृति देने से पूर्व सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया गया था।

इस पर राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार — जो हादसे के बाद से घटनास्थल पर डटे हुए हैं — ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जाँच पूरी होने से पहले ही किसी नतीजे पर पहुँचने की इतनी जल्दी क्यों है? पहले विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट दे। सरकार उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।'

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने घोषणा की है कि विशेषज्ञों की एक विशेष टीम टनल रोड परियोजना के समस्त पहलुओं की विस्तृत जाँच करेगी। इस जाँच में यह भी परखा जाएगा कि क्या सुरक्षा नियमों का समुचित पालन हुआ और क्या किसी चूक के कारण यह भूस्खलन हुआ।

न्यायपालिका की नजर

केरल उच्च न्यायालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। न्यायिक निगरानी से यह संकेत मिलता है कि जाँच का दायरा केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा।

आगे क्या होगा

यह हादसा कल्लाडी के मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहाँ वायनाड को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी टनल रोड का निर्माण कार्य चल रहा था। अब सभी की निगाहें विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उच्च न्यायालय की निगरानी में होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि यह केवल प्राकृतिक आपदा थी या इसमें प्रशासनिक और मानवीय लापरवाही की भी भूमिका रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि जाँच अभी बाकी है — यह प्रवृत्ति जवाबदेही से ध्यान भटकाती है। केरल उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की पारदर्शिता होगी। यदि जाँच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है, तो यह केवल इस परियोजना का नहीं, बल्कि राज्य में चल रही ऐसी तमाम परियोजनाओं के भविष्य का भी सवाल बन जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वायनाड टनल रोड भूस्खलन में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
10 जुलाई तक मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। बचाव दल ने मलबे से एक और शव बरामद किया, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
यह भूस्खलन कहाँ हुआ और इसका कारण क्या बताया जा रहा है?
यह हादसा वायनाड के कल्लाडी क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहाँ टनल रोड परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था। सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठे हैं, जिसकी जाँच विशेषज्ञ समिति करेगी।
केरल सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने टनल रोड परियोजना के सभी पहलुओं की जाँच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की है। साथ ही केरल उच्च न्यायालय ने भी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इस हादसे पर राजनीतिक विवाद क्यों है?
विपक्ष के नेता पी. विजयन ने परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया को सही ठहराया, जबकि राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार ने जाँच से पहले निष्कर्ष निकालने पर आपत्ति जताई। परियोजना की स्वीकृति में कथित प्रशासनिक चूक इस विवाद की जड़ में है।
बचाव अभियान में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है?
खराब मौसम, रुक-रुककर हो रही बारिश और भूमि की अस्थिरता के कारण JCB व भारी मशीनों से चलाया जा रहा बचाव अभियान धीमा पड़ रहा है। NDRF, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर काम कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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