वायनाड भूस्खलन: मृतकों की संख्या 7 हुई, केरल हाईकोर्ट ने तत्काल अनुग्रह राशि व मुफ्त इलाज का दिया आदेश
सारांश
मुख्य बातें
वायनाड में 7 जुलाई 2026 को हुए भीषण भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जब 10 जुलाई को एक और शव बरामद किया गया। केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि वितरित की जाए, घायलों को अस्पताल से छुट्टी तक मुफ्त उपचार दिया जाए और शवों को बिना किसी विलंब के परिजनों को सौंपा जाए।
मुख्य घटनाक्रम
यह भूस्खलन कलपेट्टा के निकट कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहाँ वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पडी सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था। अभी भी एक व्यक्ति लापता है और बचाव दल दुर्घटनास्थल पर गहन तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
अदालत की प्रतिक्रिया
न्यायमूर्ति ए.के. जयशंकरन नाम्बियार और न्यायमूर्ति ए.के. प्रीता की खंडपीठ ने 10 जुलाई को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि दायित्व-निर्धारण के प्रश्नों पर राहत उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि शवों को परिवारों को सौंपने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए ताकि अंतिम संस्कार अनावश्यक कठिनाई के बिना संपन्न हो सके।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि घायलों के उपचार और अस्पताल में भर्ती से जुड़े समस्त खर्च — जिनमें उनकी देखभाल करने वालों की आवश्यकताएँ भी शामिल हैं — फिलहाल राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएँ। पीठ ने कहा कि इन व्ययों को प्रारंभिक रूप से परियोजना पर प्रभार के रूप में माना जाए, और अंततः जिम्मेदार पाए जाने वालों से वसूली का निर्णय बाद में किया जाएगा।
बचाव अभियान की स्थिति
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने अदालत को सूचित किया कि खुदाई मशीनों और भारी उपकरणों के साथ बचाव कार्य जारी है। हालाँकि अस्थिर भूभाग और कीचड़ भरी परिस्थितियों के कारण अंतिम चरणों में व्यापक स्तर पर मैन्युअल खोज अभियान चलाना पड़ा है।
न्यायिक निगरानी का विस्तार
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले की साप्ताहिक आधार पर निगरानी जारी रखेगा, जिसमें मुआवजे के शीघ्र भुगतान और पुनर्वास उपायों पर विशेष जोर होगा। गौरतलब है कि ये निर्देश 2024 में वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद शुरू की गई स्वतः संज्ञान कार्यवाही के विस्तार के रूप में आए हैं। पीठ ने अपनी जाँच के दायरे में नवीनतम सुरंग परियोजना त्रासदी को भी शामिल कर लिया है, जो बचाव प्रयासों और आपदा के कारणों दोनों पर गहन न्यायिक निगरानी का संकेत देता है।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार को अगले सप्ताह तक एक नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब वायनाड में बड़े पैमाने पर निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा और आपदा-तैयारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।