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भारत-बांग्लादेश सीमा फेंसिंग पर सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे समीक्षा, 4 जिलों के मुद्दे एजेंडे में

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भारत-बांग्लादेश सीमा फेंसिंग पर सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे समीक्षा, 4 जिलों के मुद्दे एजेंडे में

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार को 4 बांग्लादेश-सीमावर्ती जिलों की समीक्षा बैठक करेंगे — एजेंडे में 400 किलोमीटर बिना बाड़ वाली सीमा पर फेंसिंग, घुसपैठ रोकथाम और मॉनसून-पूर्व बाढ़ नियंत्रण शामिल हैं। 20 मई को 27 किलोमीटर भूमि बीएसएफ को सौंपने के बाद यह पहली बड़ी समीक्षा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार को नबन्ना में भारत-बांग्लादेश सीमा पर प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बैठक में मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों के सीमा-संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया 20 मई 2025 को 27 किलोमीटर भूमि के साथ शुरू हुई।
पश्चिम बंगाल में 2,000 किलोमीटर से अधिक भारत-बांग्लादेश सीमा है, जिसमें करीब 400 किलोमीटर अभी भी बिना बाड़ के है।
राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों को अदालत में पेश करने के बजाय होल्डिंग सेंटर के ज़रिए बांग्लादेश वापस भेजने की नई नीति लागू की है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 13 जून 2025 को एक अहम प्रशासनिक समीक्षा बैठक होने जा रही है, जिसमें भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग की प्रगति, अवैध घुसपैठ पर अंकुश और मॉनसून-पूर्व बाढ़ नियंत्रण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। यह बैठक मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर — चारों बांग्लादेश-सीमावर्ती जिलों — को केंद्र में रखकर आयोजित की जा रही है।

बैठक का एजेंडा

नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को फेंसिंग के लिए भूमि हस्तांतरण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा प्रमुख रूप से होगी। इसके अलावा, बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए राज्य पुलिस और बीएसएफ के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा होगी। मालदा और मुर्शिदाबाद में मॉनसून से पहले बाढ़ नियंत्रण उपायों और नदी-कटाव की पुरानी समस्या के समाधान को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

फेंसिंग प्रक्रिया की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 20 मई 2025 को 27 किलोमीटर भूमि बीएसएफ को सौंपने के साथ आधिकारिक भूमि-हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बीते महीने प्राथमिकता के आधार पर बिना बाड़ वाली सीमाओं पर फेंसिंग के लिए भूमि सौंपने का काम हाथ में लिया था। भारत-बांग्लादेश की कुल अंतरराष्ट्रीय सीमा 4,096.7 किलोमीटर है, जिसमें से 2,000 किलोमीटर से अधिक पश्चिम बंगाल में पड़ती है। इनमें से लगभग 1,600 किलोमीटर सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लग चुकी है, जबकि शेष करीब 400 किलोमीटर सीमा अभी भी बिना बाड़ के है।

पूर्व सरकार पर आरोप

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बार-बार आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली पूर्व ममता बनर्जी सरकार ने कथित तौर पर जानबूझकर बीएसएफ को भूमि सौंपने की प्रक्रिया को टाला, ताकि बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ जारी रहे और पिछली सत्ताधारी पार्टी के वोट बैंक को मज़बूती मिलती रहे। हालाँकि तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।

घुसपैठियों पर नई नीति

राज्य सरकार ने हाल ही में एक नई नीति लागू की है, जिसके तहत राज्य सीमा के भीतर पकड़े गए अवैध घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय पहले होल्डिंग सेंटरों में रखा जाएगा और फिर बांग्लादेश वापस भेजने के लिए बीएसएफ की सीमा चौकियों पर सौंपा जाएगा। यह कदम सीमा सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार के कड़े रुख को दर्शाता है।

आगे क्या होगा

शुक्रवार की समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि शेष 400 किलोमीटर बिना बाड़ वाली सीमा पर फेंसिंग की समयसीमा क्या होगी। बाढ़-प्रवण जिलों में मॉनसून-पूर्व तैयारियों के निर्देश भी इसी बैठक से जारी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर इस बैठक में चर्चा होने की संभावना नहीं है। बाढ़ नियंत्रण का एजेंडा याद दिलाता है कि सीमा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा — दोनों एक ही ज़मीन पर लड़ी जाने वाली लड़ाइयाँ हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी की सीमा समीक्षा बैठक में क्या-क्या चर्चा होगी?
बैठक में बीएसएफ को फेंसिंग के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रगति, राज्य पुलिस और बीएसएफ के बीच समन्वय, अवैध घुसपैठ रोकथाम और मालदा-मुर्शिदाबाद में मॉनसून-पूर्व बाढ़ नियंत्रण पर चर्चा होगी। यह बैठक चारों बांग्लादेश-सीमावर्ती जिलों — मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर — को केंद्र में रखकर होगी।
पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग की मौजूदा स्थिति क्या है?
पश्चिम बंगाल में 2,000 किलोमीटर से अधिक भारत-बांग्लादेश सीमा है, जिसमें से लगभग 1,600 किलोमीटर पर कंटीले तारों की बाड़ लग चुकी है। शेष करीब 400 किलोमीटर सीमा अभी भी बिना बाड़ के है, और बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया 20 मई 2025 को 27 किलोमीटर से शुरू हुई है।
अवैध घुसपैठियों के बारे में राज्य सरकार की नई नीति क्या है?
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि राज्य सीमा के भीतर पकड़े गए अवैध घुसपैठियों को अब अदालतों में पेश नहीं किया जाएगा। उन्हें पहले होल्डिंग सेंटरों में रखा जाएगा और फिर बांग्लादेश वापस भेजने के लिए बीएसएफ की सीमा चौकियों पर सौंपा जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व तृणमूल सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर बीएसएफ को फेंसिंग के लिए भूमि सौंपने की प्रक्रिया को टाला। उनके अनुसार यह बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देकर अपने वोट बैंक को मज़बूत करने की कथित रणनीति का हिस्सा था।
मालदा और मुर्शिदाबाद में बाढ़ नियंत्रण का मुद्दा क्यों अहम है?
मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों जिलों में नदी के किनारे कटाव की पुरानी समस्या है, जिससे हर साल संपत्ति का भारी नुकसान होता है। मॉनसून से पहले इन जिलों में बाढ़ नियंत्रण उपायों की समीक्षा इसीलिए प्राथमिकता में है।
राष्ट्र प्रेस
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