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बंगाल में BSF को 142.79 एकड़ जमीन हस्तांतरित, 500 एकड़ के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम: CM सुवेंदु अधिकारी

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बंगाल में BSF को 142.79 एकड़ जमीन हस्तांतरित, 500 एकड़ के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम: CM सुवेंदु अधिकारी

सारांश

नई सरकार बनते ही पश्चिम बंगाल ने BSF को 142.79 एकड़ जमीन सौंप दी — वह काम जो पूर्ववर्ती TMC सरकार पर सालों से रोके रखने का आरोप था। 45 दिनों में 500 एकड़ का लक्ष्य और कलकत्ता हाई कोर्ट की सख्ती — बांग्लादेश सीमा पर बाड़ का रास्ता अब खुलता दिख रहा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को अब तक कुल 142.79 एकड़ जमीन बांग्लादेश सीमा पर बाड़ और चौकियों के निर्माण के लिए सौंपी।
सर्वाधिक भूमि मुर्शिदाबाद ( 38.805 एकड़ ) और जलपाईगुड़ी ( 35.165 एकड़ ) से हस्तांतरित।
राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक ( 11 मई 2026 ) में 45 दिनों में 500 एकड़ देने का लक्ष्य तय किया गया था।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त निदेशक पर ₹25,000 का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया था।
CM अधिकारी ने पूर्ववर्ती TMC सरकार पर जानबूझकर भूमि हस्तांतरण रोकने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 मई 2026 को जानकारी दी कि बांग्लादेश सीमा पर चौकियों के निर्माण और कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए अब तक कुल 142.79 एकड़ भूमि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपी जा चुकी है। यह हस्तांतरण राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में तय किए गए 45 दिनों में 500 एकड़ जमीन BSF को देने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

जिलेवार भूमि हस्तांतरण का विवरण

मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जिलेवार आँकड़े साझा किए। इनके अनुसार कूचबिहार में 22.95 एकड़, जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़, दार्जिलिंग में 8.815 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 2.84 एकड़, दक्षिण दिनाजपुर में 20.1701 एकड़, मालदा में 10.90 एकड़, मुर्शिदाबाद में 38.805 एकड़, नदिया में 0.55 एकड़ और उत्तर 24 परगना में 2.6 एकड़ भूमि BSF को हस्तांतरित की गई है।

गौरतलब है कि सीमा से सटे ये सभी ज़िले भारत-बांग्लादेश की 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील हिस्सों में आते हैं, जहाँ घुसपैठ की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।

मंत्रिमंडल का फैसला और सरकार का रुख

11 मई 2026 को नई सरकार के गठन के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की थी कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ निर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार BSF को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने जानबूझकर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को रोके रखा था, जिससे घुसपैठ को बढ़ावा मिला।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार सीमा प्रबंधन को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बता रही है और BSF के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर ज़ोर दे रही है।

कलकत्ता हाई कोर्ट की कार्रवाई और पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2026 में कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ — जिसमें मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन शामिल थे — ने राज्य के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त निदेशक पर ₹25,000 का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया था।

यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की राशि दिए जाने के बावजूद भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए ज़मीन नहीं सौंपी गई। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए यह कड़ा कदम उठाया था।

आगे की राह

अभी 142.79 एकड़ जमीन हस्तांतरित हो चुकी है, जबकि 45 दिनों में 500 एकड़ का लक्ष्य पूरा करना बाकी है। राज्य सरकार के लिए यह परीक्षा इस बात की भी है कि क्या शेष लगभग 357 एकड़ जमीन निर्धारित समयसीमा में BSF को सौंपी जा सकती है। सीमा बाड़ निर्माण पूरा होने के बाद यह घुसपैठ रोकने की दिशा में एक ठोस बदलाव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 500 एकड़ के लक्ष्य का आधे से भी कम — और समयसीमा सिकुड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह गति टिकाऊ है, या पहले हफ्तों की सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश। कलकत्ता हाई कोर्ट का जुर्माना इस बात की याद दिलाता है कि भूमि हस्तांतरण में देरी कोई प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि न्यायालय की नज़र में जवाबदेही का मामला है। TMC पर लगाए आरोप राजनीतिक हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — लेकिन नई सरकार के लिए 45 दिनों की कसौटी ही उसकी विश्वसनीयता तय करेगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में BSF को कितनी जमीन सौंपी गई है?
27 मई 2026 तक कुल 142.79 एकड़ जमीन BSF को हस्तांतरित की जा चुकी है। यह जमीन कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद सहित 9 सीमावर्ती जिलों में फैली है।
BSF को जमीन देने का लक्ष्य क्या है और समयसीमा कब तक है?
11 मई 2026 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 45 दिनों के भीतर 500 एकड़ जमीन BSF को सौंपने का लक्ष्य तय किया गया था। अभी तक 142.79 एकड़ हस्तांतरित हो चुकी है और शेष लगभग 357 एकड़ देना बाकी है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने BSF जमीन मामले में क्या कार्रवाई की थी?
अप्रैल 2026 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त निदेशक पर ₹25,000 का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया था। यह आदेश उस याचिका पर आया था जिसमें आरोप था कि केंद्र द्वारा अधिग्रहण राशि देने के बावजूद जमीन BSF को नहीं सौंपी गई।
TMC सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
CM सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने घुसपैठ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जानबूझकर BSF को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया रोके रखी। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किस जिले में सबसे अधिक जमीन BSF को सौंपी गई है?
अब तक मुर्शिदाबाद में सर्वाधिक 38.805 एकड़ जमीन BSF को हस्तांतरित की गई है, इसके बाद जलपाईगुड़ी (35.165 एकड़) और कूचबिहार (22.95 एकड़) का स्थान है।
राष्ट्र प्रेस
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