बंगाल चुनाव दूसरे चरण से पहले सीमा पर कड़ी निगरानी, BSF हाई अलर्ट पर
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा।
- BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्सों पर विशेष जांच जारी है।
- दूसरे चरण में 2,348 केंद्रीय बल कंपनियां तैनात होंगी, जिनमें सर्वाधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना में।
- पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या 95 है — पहले चरण के 84 से 11 अधिक।
- सुंदरबन क्षेत्र में तटीय और नदी गश्त को विशेष रूप से बढ़ाया गया है।
- CEO मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार दूसरे चरण में सुरक्षा और निगरानी का घनत्व पहले चरण से अधिक होगा।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर बांग्लादेश से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्सों पर विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। 29 अप्रैल 2026 को होने वाले इस मतदान से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
बिना बाड़ वाली सीमाओं पर विशेष चौकसी
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले बिना बाड़ वाली सीमाओं के निकटवर्ती इलाकों में विशेष जांच-पड़ताल की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नाका चेकिंग को पहले से कहीं अधिक सघन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव एहतियात बरती जा रही है। सीमा पर अवैध आवाजाही रोकना चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
दूसरे चरण में कम क्षेत्र, लेकिन ज़्यादा कड़ी सुरक्षा
CEO अग्रवाल ने बताया कि दूसरे चरण में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या, भौगोलिक विस्तार और मतदान केंद्रों की संख्या 23 अप्रैल को हुए पहले चरण की तुलना में कम है, इसलिए सुरक्षा और निगरानी का घनत्व स्वाभाविक रूप से अधिक होगा।
पहले चरण में 16 जिलों के 152 विधानसभा क्षेत्रों के 45,000 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था। वहीं दूसरे चरण में 6 जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों के 40,000 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
दूसरे चरण में पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या 95 है, जो पहले चरण में तैनात 84 पर्यवेक्षकों से 11 अधिक है — यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन दूसरे चरण को अधिक संवेदनशील मान रहा है।
केंद्रीय बलों की विशाल तैनाती
दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त केंद्रीय बलों की कुल 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस इकाइयां शामिल हैं।
केंद्रीय बलों की सर्वाधिक तैनाती उत्तर 24 परगना जिले में होगी, जहां 507 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 409 कंपनियां तैनात रहेंगी।
सुंदरबन में तटीय गश्त बढ़ाई गई
CEO कार्यालय के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, बांग्लादेश के साथ विस्तृत तटीय सीमा साझा करने के कारण दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना में फैले सुंदरबन क्षेत्र में समुद्री और नदी गश्त को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया गया है।
सुंदरबन का घना डेल्टा क्षेत्र और उसकी जटिल जलीय भूगोल सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां अवैध घुसपैठ और तस्करी के मार्गों को चुनाव के दौरान बाधित करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा आज भी बिना बाड़ के है। पिछले कई चुनावों में इन इलाकों से बाहरी दबाव और अवैध प्रभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं। ECI की यह सक्रियता उसी पृष्ठभूमि में देखी जानी चाहिए।
चुनाव आयोग की इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का सीधा असर मतदाताओं के विश्वास पर पड़ेगा — विशेषकर सीमावर्ती जिलों में जहां मतदाता अक्सर बाहरी दबाव की आशंका से मतदान से दूर रहते हैं। 29 अप्रैल को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि यह व्यापक सुरक्षा तंत्र जमीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।