रोशिबिना देवी का एशियन गेम्स में तीसरा मेडल पक्का, 5-0 से जीत के साथ सेमीफाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने 22 सितंबर 2026 को नागोया के आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में महिलाओं की 60 किग्रा वुशु स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में मकाऊ, चीन की चू मैन सिन को 5-0 के निर्णायक अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ रोशिबिना ने एशियन गेम्स में अपना लगातार तीसरा महाद्वीपीय मेडल सुनिश्चित कर लिया है, जो इस एडिशन में वुशु में भारत का पहला पक्का मेडल भी है।
रोशिबिना का शानदार महाद्वीपीय सफर
रोशिबिना देवी एशियन गेम्स के मंच पर किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में सांडा 60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और 2022 एशियन गेम्स में रजत पदक अपने नाम किया था। मौजूदा एशियन गेम्स में उनकी यह यात्रा सोमवार को तब शुरू हुई जब उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश की शिखा खातून को पराजित कर अगले दौर में जगह बनाई। मंगलवार को चू मैन सिन के विरुद्ध 5-0 की एकतरफा जीत ने उनकी प्रबल दावेदारी को और पुख्ता कर दिया।
सेमीफाइनल में भारत की उम्मीदें
रोशिबिना अब बुधवार को होने वाले सेमीफाइनल में उतरेंगी, जहाँ स्वर्ण और रजत पदक दोनों की दौड़ में वे पूरी तरह सक्षम मानी जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वुशु दल से पूरे देश की निगाहें टिकी हैं और रोशिबिना की निरंतरता ने युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का द्वार खोला है।
आर्यन भी क्वार्टर फाइनल में
रोशिबिना के अलावा भारत के आर्यन ने भी पुरुषों के 56 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के साफी शहजादा को 2-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। गौरतलब है कि वे भी अब मेडल से महज एक कदम की दूरी पर हैं, जिससे भारत की मेडल संख्या और बढ़ सकती है।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
हंजाबम लैंगलेनटोम्बी देवी महिलाओं के नानक्वान और नंदाओ फाइनल में 18.839 के स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहीं। इससे पहले सोमवार को न्येमन वांगसु महिलाओं के चांगक्वान फाइनल में 15वें स्थान पर रही थीं। रविवार को सूरज सिंह मयांगलामबम पुरुषों के चांगक्वान फाइनल में पोडियम से महज 0.040 अंक दूर रहे और 9.683 कुल अंकों के साथ 21 प्रतिभागियों के बीच 11वें स्थान पर रहे — यह निराशाजनक किंतु प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन था।
भारतीय वुशु की बढ़ती ताकत
भारतीय वुशु दल का यह प्रदर्शन इस खेल में देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। रोशिबिना जैसी खिलाड़ी, जो एशियन गेम्स में लगातार तीन मेडल के कगार पर खड़ी हैं, भारतीय मार्शल आर्ट्स की एक नई पहचान बना रही हैं। आने वाले सेमीफाइनल और संभावित फाइनल में भारत का पदक रंग तय होगा।