8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक BJP में क्रॉस-वोटिंग विवाद: विजयेंद्र और आर. अशोक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दी जानकारी, सख्त कार्रवाई के संकेत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक BJP में क्रॉस-वोटिंग विवाद: विजयेंद्र और आर. अशोक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दी जानकारी, सख्त कार्रवाई के संकेत

सारांश

कर्नाटक BJP में विधान परिषद चुनावों के बाद कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर हलचल तेज है। विजयेंद्र और आर. अशोक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पूरा ब्यौरा दिया। पार्टी ने जाँच समिति बनाई और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए — यह कर्नाटक में BJP के संगठनात्मक अनुशासन की बड़ी परीक्षा है।

मुख्य बातें

बीवाई विजयेंद्र और आर.
अशोक ने 23 जून को नई दिल्ली में BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।
बैठक में कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में BJP विधायकों द्वारा कथित क्रॉस-वोटिंग का विस्तृत ब्यौरा सौंपा गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और पार्टी ने जाँच समिति गठित की।
अशोक ने स्पष्ट किया कि BJP ने दोनों लड़ी गई सीटें जीती , लेकिन NDA समर्थित उम्मीदवार हार गए।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक में पार्टी संगठन मजबूत करने और सत्ता में वापसी की दिशा में काम तेज करने का निर्देश दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और राज्य पार्टी अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 23 जून को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के दौरान BJP विधायकों द्वारा कथित क्रॉस-वोटिंग के मामले का विस्तृत ब्यौरा राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपा। पार्टी ने इस मामले की जाँच के लिए एक जाँच समिति भी गठित की है।

बैठक में क्या हुआ

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग से जुड़े सभी तथ्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष विस्तार से रखे गए। उन्होंने बताया कि नितिन नवीन पहले ही इस मामले में प्रारंभिक जानकारी जुटा चुके हैं और उन्होंने संकेत दिया है कि सख्त कार्रवाई अनिवार्य होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी की राज्य इकाई से अतिरिक्त जानकारी भी माँगी है।

विजयेंद्र ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक में पार्टी संगठन को मजबूत करने और राज्य में BJP को सत्ता में वापस लाने की दिशा में काम तेज करने का निर्देश दिया है।

दोषियों की पहचान कैसे होगी

जब विजयेंद्र से पूछा गया कि कथित क्रॉस-वोटिंग के लिए जिम्मेदार विधायकों की पहचान कैसे होगी, तो उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि BJP केंद्र में सत्ताधारी पार्टी है और केंद्रीय नेतृत्व के पास जानकारी जुटाने के अपने तंत्र मौजूद हैं। पार्टी स्वतंत्र रूप से भी अतिरिक्त तथ्य एकत्र करेगी।

आर. अशोक का बयान

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने पार्टी की राज्य इकाई से इस मामले को उन पर छोड़ने को कहा है। अशोक के अनुसार, राष्ट्रीय नेताओं ने पहले ही कुछ जानकारी जुटा ली थी, लेकिन राज्य नेताओं के साथ उसका विवरण साझा नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य नेताओं को आगे की चर्चा के लिए दिल्ली लौटने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या चुनाव परिणाम BJP के लिए झटका हैं, अशोक ने इस सुझाव को खारिज किया। उन्होंने कहा कि BJP ने पार्टी द्वारा लड़ी गई दोनों सीटें जीत ली हैं। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि क्रॉस-वोटिंग हुई और NDA समर्थित उम्मीदवार हार गए, इसलिए पार्टी ने कारणों की जाँच के लिए समय माँगा है।

जाँच समिति और राजनीतिक असर

BJP नेतृत्व ने कथित क्रॉस-वोटिंग की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक जाँच समिति गठित की है। विधान परिषद चुनावों के बाद यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। गौरतलब है कि कर्नाटक में पहले से ही BJP को संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।

आने वाले हफ्तों में जाँच समिति की रिपोर्ट और राष्ट्रीय नेतृत्व की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि BJP कर्नाटक में अनुशासन की इस परीक्षा से कैसे निपटती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठनात्मक अनुशासन की गहरी दरार का संकेत है। पार्टी ने 'जाँच समिति' बनाई है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केंद्रीय नेतृत्व राज्य इकाई के भीतर असंतोष की जड़ों तक पहुँच पाएगा। गौरतलब है कि कर्नाटक में BJP पहले से ही 2023 की विधानसभा हार के बाद खुद को पुनर्गठित करने की कोशिश में है। बिना पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई के, यह 'जाँच' भी उन कई आंतरिक जाँचों की सूची में जुड़ सकती है जो घोषणाओं तक सिमट कर रह जाती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक BJP में क्रॉस-वोटिंग विवाद क्या है?
कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के दौरान BJP के कुछ विधायकों पर कथित तौर पर पार्टी लाइन के विरुद्ध मतदान करने का आरोप है, जिससे NDA समर्थित उम्मीदवार हार गए। इस विवाद ने पार्टी के भीतर राजनीतिक बहस छेड़ दी है और राष्ट्रीय नेतृत्व ने जाँच समिति गठित की है।
नितिन नवीन से बैठक में क्या निर्णय हुआ?
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कथित क्रॉस-वोटिंग को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य नेताओं से अतिरिक्त जानकारी माँगी और कहा कि पार्टी स्वतंत्र रूप से भी तथ्य जुटाएगी।
क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान कैसे होगी?
बीवाई विजयेंद्र के अनुसार, BJP का केंद्रीय नेतृत्व अपने तंत्र के माध्यम से जानकारी जुटाएगा और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्टी ने इस उद्देश्य के लिए एक जाँच समिति भी गठित की है।
क्या इन चुनाव परिणामों को BJP के लिए झटका माना जाएगा?
आर. अशोक ने इसे झटका मानने से इनकार किया और कहा कि BJP ने पार्टी द्वारा लड़ी गई दोनों सीटें जीती हैं। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि क्रॉस-वोटिंग के कारण NDA समर्थित उम्मीदवार हार गए, जिसकी जाँच की जा रही है।
कर्नाटक में BJP के संगठन को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने क्या निर्देश दिए?
नितिन नवीन ने कर्नाटक BJP नेताओं को पार्टी संगठन मजबूत करने और राज्य में सत्ता में वापसी की दिशा में प्रयास तेज करने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक मामलों की समीक्षा भी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले