कर्नाटक BJP में क्रॉस-वोटिंग विवाद: विजयेंद्र और आर. अशोक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दी जानकारी, सख्त कार्रवाई के संकेत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और राज्य पार्टी अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 23 जून को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के दौरान BJP विधायकों द्वारा कथित क्रॉस-वोटिंग के मामले का विस्तृत ब्यौरा राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपा। पार्टी ने इस मामले की जाँच के लिए एक जाँच समिति भी गठित की है।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग से जुड़े सभी तथ्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष विस्तार से रखे गए। उन्होंने बताया कि नितिन नवीन पहले ही इस मामले में प्रारंभिक जानकारी जुटा चुके हैं और उन्होंने संकेत दिया है कि सख्त कार्रवाई अनिवार्य होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी की राज्य इकाई से अतिरिक्त जानकारी भी माँगी है।
विजयेंद्र ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक में पार्टी संगठन को मजबूत करने और राज्य में BJP को सत्ता में वापस लाने की दिशा में काम तेज करने का निर्देश दिया है।
दोषियों की पहचान कैसे होगी
जब विजयेंद्र से पूछा गया कि कथित क्रॉस-वोटिंग के लिए जिम्मेदार विधायकों की पहचान कैसे होगी, तो उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि BJP केंद्र में सत्ताधारी पार्टी है और केंद्रीय नेतृत्व के पास जानकारी जुटाने के अपने तंत्र मौजूद हैं। पार्टी स्वतंत्र रूप से भी अतिरिक्त तथ्य एकत्र करेगी।
आर. अशोक का बयान
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने पार्टी की राज्य इकाई से इस मामले को उन पर छोड़ने को कहा है। अशोक के अनुसार, राष्ट्रीय नेताओं ने पहले ही कुछ जानकारी जुटा ली थी, लेकिन राज्य नेताओं के साथ उसका विवरण साझा नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य नेताओं को आगे की चर्चा के लिए दिल्ली लौटने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या चुनाव परिणाम BJP के लिए झटका हैं, अशोक ने इस सुझाव को खारिज किया। उन्होंने कहा कि BJP ने पार्टी द्वारा लड़ी गई दोनों सीटें जीत ली हैं। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि क्रॉस-वोटिंग हुई और NDA समर्थित उम्मीदवार हार गए, इसलिए पार्टी ने कारणों की जाँच के लिए समय माँगा है।
जाँच समिति और राजनीतिक असर
BJP नेतृत्व ने कथित क्रॉस-वोटिंग की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक जाँच समिति गठित की है। विधान परिषद चुनावों के बाद यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। गौरतलब है कि कर्नाटक में पहले से ही BJP को संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
आने वाले हफ्तों में जाँच समिति की रिपोर्ट और राष्ट्रीय नेतृत्व की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि BJP कर्नाटक में अनुशासन की इस परीक्षा से कैसे निपटती है।