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यूएनजीए में ईरान की आवाज: अराघची बोले — 'अन्यायपूर्ण युद्ध' झेल रहा है हमारा देश

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यूएनजीए में ईरान की आवाज: अराघची बोले — 'अन्यायपूर्ण युद्ध' झेल रहा है हमारा देश

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची यूएनजीए के 81वें सत्र में 'अन्यायपूर्ण युद्ध' का दंश झेल रहे ईरान का पक्ष रखने न्यूयॉर्क पहुँचे हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियन महासभा को संबोधित करेंगे; 168 बच्चों की मौत का मुद्दा और पश्चिम पर आरोप — यह यात्रा सिर्फ कूटनीति नहीं, एक वैश्विक बयानबाज़ी का मंच है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची यूएनजीए के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क पहुँचे।
अराघची ने कहा कि ईरान कथित तौर पर एक 'अन्यायपूर्ण युद्ध' का सामना कर रहा है और यूएनजीए में ईरानी नागरिकों के अधिकारों की आवाज उठाई जाएगी।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
अराघची ने दावा किया कि एक घटना में 168 मासूम बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया; पश्चिमी देशों की आलोचना की।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ओआईसी और एनएएम की बैठकों में भी चार से पाँच दिन के दौरे के दौरान हिस्सा लेगा।
इस वर्ष यूएनजीए की थीम है — 'भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।'

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक मंच पर ईरानी नागरिकों के अधिकारों, हितों और उनके 'जायज पक्ष' को प्रस्तुत करना है। अराघची ने कहा कि यह दौरा ऐसे नाज़ुक समय में हो रहा है जब ईरान कथित तौर पर एक 'अन्यायपूर्ण युद्ध' का सामना कर रहा है और देश में हालात अब भी संघर्षपूर्ण बने हुए हैं।

यूएनजीए यात्रा का उद्देश्य

न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत में अराघची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहाँ राष्ट्र अपना दृष्टिकोण वैश्विक समुदाय के सामने रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की महासभा ईरान को अपने लोगों की पीड़ा और संघर्ष में जान गँवाने वाले नागरिकों की स्थिति दुनिया के सामने रखने का अवसर प्रदान करती है। इसमें उन्होंने मिनाब के एक स्कूल में मारे गए लोगों और देश के दिवंगत नेता का भी उल्लेख किया।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भूमिका

अराघची ने बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन स्वयं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इस दौरे में वे ईरानी और अंतरराष्ट्रीय बुद्धिजीवियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे तथा विभिन्न मीडिया संस्थानों को साक्षात्कार देंगे। विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि इस चार से पाँच दिन के दौरे में कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जिनमें ईरान के राष्ट्रीय हितों का पक्ष रखा जाएगा।

पश्चिमी देशों पर निशाना और इज़रायली कार्रवाई की निंदा

अराघची ने इस दौरान पश्चिमी देशों की तीखी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि एक ही घटना में 168 मासूम बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, इज़रायल की इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त गंभीरता से निंदा नहीं की गई, जो उनके लिए गहरी चिंता का विषय है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।

यूएनजीए की थीम और बहुपक्षीय बैठकें

अराघची ने बताया कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा की थीम है — 'भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।' उन्होंने कहा कि यह थीम इस पर विचार-विमर्श का अवसर देती है कि संयुक्त राष्ट्र पर देशों और नागरिकों का भरोसा क्यों घटा है और इसे पुनर्स्थापित करने के उपाय क्या हो सकते हैं। गौरतलब है कि इस यात्रा के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की बैठकों में भी भाग लेगा।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का दबाव जारी है और क्षेत्रीय स्तर पर कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। यूएनजीए जैसे मंच पर उपस्थिति ईरान की कूटनीतिक सक्रियता का संकेत देती है। आगे देखना होगा कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन के महासभा संबोधन और द्विपक्षीय बैठकों से ईरान की अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी संस्था पर तेहरान पश्चिमी पक्षपात का आरोप लगाता रहा है। 168 बच्चों की मौत का दावा जब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं होता, तब तक इसे ईरान का आधिकारिक कथन ही माना जाएगा, तथ्य नहीं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि यूएनजीए में ईरान की सक्रियता प्रतिबंधों के दबाव के बीच अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की तलाश का संकेत भी है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री अराघची यूएनजीए में क्यों गए हैं?
अराघची यूएनजीए के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय बैठक में ईरानी नागरिकों के अधिकारों, हितों और देश के 'जायज पक्ष' को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने गए हैं। उनके अनुसार, ईरान इस समय एक 'अन्यायपूर्ण युद्ध' का सामना कर रहा है और यह बैठक इस स्थिति को दुनिया के सामने रखने का अवसर है।
यूएनजीए में ईरान की ओर से कौन संबोधन देगा?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा को सीधे संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय बुद्धिजीवियों, मीडिया प्रतिनिधियों से मिलेंगे और विभिन्न मीडिया संस्थानों को साक्षात्कार भी देंगे।
अराघची ने 168 बच्चों की मौत के बारे में क्या कहा?
अराघची ने दावा किया कि एक ही घटना में 168 मासूम बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया और इज़रायल की इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त गंभीरता से निंदा नहीं की गई। यह उनका आधिकारिक कथन है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
इस वर्ष यूएनजीए की थीम क्या है?
इस वर्ष यूएनजीए की थीम है — 'भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।' अराघची ने कहा कि यह थीम इस बात पर विचार का मौका देती है कि संयुक्त राष्ट्र पर देशों का भरोसा क्यों कम हुआ और इसे कैसे बहाल किया जाए।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में किन अन्य बैठकों में भाग लेगा?
चार से पाँच दिन के इस दौरे के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की बैठकों में भी हिस्सा लेगा। इसके अतिरिक्त कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी निर्धारित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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