7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अयोध्या दीपोत्सव 2026: काठमांडू से आए श्रद्धालु, इकबाल अंसारी बोले — 'पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अयोध्या दीपोत्सव 2026: काठमांडू से आए श्रद्धालु, इकबाल अंसारी बोले — 'पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी'

सारांश

अयोध्या का दीपोत्सव इस बार सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं — राष्ट्रीय एकता की झलक भी है। काठमांडू से श्रद्धालु, उपराष्ट्रपति का आगमन और बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी की 'दुल्हन जैसी अयोध्या' की तस्वीर — यह सब मिलकर 2026 के दीपोत्सव को अभूतपूर्व बना रहे हैं।

मुख्य बातें

अयोध्या में 7 नवंबर 2026 को दीपोत्सव का भव्य आयोजन, श्री राम जन्मभूमि परिसर फूलों और रोशनी से सजाया गया।
काठमांडू, नेपाल से श्रद्धालु राम मंदिर और हनुमान गढ़ी दर्शन के लिए अयोध्या पहुँचे।
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा — 'पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है।' महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने त्रेता युग के दीपोत्सव से आज का दृश्य जोड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति दीपोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
उत्सव सरयू नदी के तट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आयोजित।

अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के अवसर पर श्री राम जन्मभूमि परिसर के प्रवेश द्वारों और मुख्य मार्गों को फूलों की सजावट, भव्य तोरणों और आकर्षक रोशनी से सुसज्जित किया गया है। 7 नवंबर 2026 को आयोजित इस उत्सव में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुँचे हैं, जिनमें काठमांडू, नेपाल से आए भक्त भी शामिल हैं। बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि आज पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है।

दीपोत्सव का भव्य माहौल

सरयू नदी के तट पर आयोजित इस दीपोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जा रही हैं। एक महिला कलाकार ने कहा, 'हमारी गहरी आस्था दीपोत्सव से जुड़ी है। भगवान राम भारत के हर निवासी के दिल में बसते हैं। हमने 2024 में इसकी शुरुआत की, और यह दीपोत्सव बहुत सुंदर है — वास्तव में, भगवान राम के साथ मनाई जाने वाली यह सबसे सुंदर दिवाली है।'

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और एकता का जीवंत उदाहरण भी बनकर उभरा है। उत्सव स्थल पर भव्य सजावट और सुव्यवस्थित प्रबंधन को लेकर श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त किया।

नेपाल से आए श्रद्धालुओं की भावना

काठमांडू से आए एक श्रद्धालु ने कहा, 'हम राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने, हनुमान गढ़ी के दर्शन करने और दीपावली के इस महापर्व में सम्मिलित होने के लिए यहाँ आए हैं। साफ-सफाई और समस्त इंतजाम बहुत अच्छे हैं।' यह इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या का दीपोत्सव अब अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करने लगा है।

एक अन्य आगंतुक ने बताया कि वे सुबह अयोध्या पहुँचे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लेंगे। उपराष्ट्रपति के भी इस अवसर पर अयोध्या आगमन की जानकारी दी गई।

महामंडलेश्वर का संदेश

महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कहा, 'भगवान राम की कृपा से, जब प्रभु राम लंका से विजयी होकर लौटे थे, तो अयोध्या के स्त्री-पुरुषों ने त्रेता युग की तरह ही नगरी को सजाकर दीपोत्सव मनाया था। आज ठीक वैसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है।' उन्होंने उपराष्ट्रपति के अयोध्या आगमन को भी सौभाग्यशाली अवसर बताया, जहाँ उन्हें सरयू, हनुमान जी और राम लल्ला के दर्शन का अवसर मिला।

इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया

बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने दीपोत्सव को लेकर कहा, 'अयोध्या में दीपोत्सव बहुत बेहतर मनाया जाता है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। अयोध्या में इस वक्त खुशियों का माहौल है। आज दिवाली की यह भव्यता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देन है और पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है।'

अंसारी ने आगे कहा कि आज अयोध्या में ऐसा लग रहा है मानो स्वयं भगवान राम आ रहे हों। उन्होंने उपराष्ट्रपति के अयोध्या आगमन का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरी की भव्यता स्पष्ट दिख रही है और लोग आनंद उठा रहे हैं। गौरतलब है कि इकबाल अंसारी का यह बयान सामाजिक सौहार्द की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

आगे क्या

दीपोत्सव का यह आयोजन अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर रहा है। उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को राजकीय स्तर की गरिमा प्रदान करती है। आने वाले वर्षों में इस महोत्सव का विस्तार और अधिक अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की ओर संकेत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हिंदी भाषी क्षेत्र से परे एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक गंतव्य बन रहा है। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को राजनीतिक महत्व भी देती है — यह राज्य और धर्म के बीच बढ़ती निकटता की उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जिस पर राष्ट्रीय बहस जारी है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब और कहाँ मनाया गया?
अयोध्या दीपोत्सव 2026 का आयोजन 7 नवंबर 2026 को सरयू नदी के तट पर हुआ। श्री राम जन्मभूमि परिसर और मुख्य मार्गों को फूलों, तोरणों और रोशनी से सजाया गया था।
इकबाल अंसारी ने दीपोत्सव के बारे में क्या कहा?
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव बहुत बेहतर मनाया जाता है और पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है। उन्होंने इस भव्यता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया।
काठमांडू से श्रद्धालु अयोध्या क्यों आए?
काठमांडू, नेपाल से आए श्रद्धालु राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने, हनुमान गढ़ी के दर्शन करने और दीपावली के महापर्व में सम्मिलित होने के लिए अयोध्या पहुँचे। उन्होंने साफ-सफाई और व्यवस्था की सराहना की।
दीपोत्सव में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि शामिल हुए?
दीपोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति सम्मिलित हुए। महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी उपराष्ट्रपति के अयोध्या आगमन को सौभाग्यशाली बताया।
अयोध्या दीपोत्सव का धार्मिक महत्व क्या है?
अयोध्या में दीपावली भगवान राम के लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है। महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज के अनुसार, आज का दृश्य त्रेता युग जैसा ही है जब अयोध्यावासियों ने भगवान राम के स्वागत में नगरी सजाई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 20 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले