मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास पर धवन, रहाणे, मुनाफ, इरफान और भोगले ने दी भावभीनी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 7 नवंबर 2026 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व क्रिकेटरों और दिग्गज कमेंटेटरों ने उन्हें उनके शानदार लाल गेंद के करियर के लिए बधाई दी। 36 वर्षीय शमी ने शुक्रवार की देर रात यह ऐलान किया, हालाँकि वह वनडे और टी20 फॉर्मेट में भारत के लिए खेलते रहेंगे।
पूर्व साथियों की भावभीनी प्रतिक्रियाएँ
पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने संक्षेप लेकिन गर्मजोशी के साथ लिखा, 'शानदार करियर के लिए बधाई भाई।' पूर्व टेस्ट उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'शानदार करियर के लिए, बधाई दोस्त।'
पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने लिखा, 'व्हाइट्स में तुम्हारी कमी खलेगी दोस्त, तुम्हारे शानदार करियर के लिए बधाई। ब्लूज में जल्द ही मिलते हैं।' यह संदेश दर्शाता है कि शमी की गैरमौजूदगी टेस्ट अखाड़े में गहराई से महसूस की जाएगी।
इरफान पठान की खास तारीफ
भारत के पूर्व ऑल-राउंडर इरफान पठान ने शमी की सबसे बड़ी खूबी — लेट मूवमेंट पैदा करने की काबिलियत — को रेखांकित किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'आपके शानदार लाल गेंद वाले क्रिकेट के लिए बहुत-बहुत बधाई। उस चेरी के साथ आपकी लेट मूवमेंट की कमी खलेगी।'
हर्ष भोगले का काव्यात्मक श्रद्धांजलि
वरिष्ठ क्रिकेट कमेंटेटर हर्ष भोगले ने शमी की गेंदबाज़ी-शैली का गहन वर्णन किया। उन्होंने लिखा, 'शमी ने रेड बॉल से वैसी ही बॉलिंग की जैसी उनसे पहले कुछ और कर पाए थे, क्रिकेट बॉल की सीम के साथ उनका रोमांस अपने आप में एक कहानी है। जब लगता था कि गेम कहीं नहीं जा रहा है, तो वह सीम को मनाकर किसी को पीछे धकेल देते थे, या किसी अनजान बैट्समैन को पीछे छोड़ देते थे।' भोगले ने यह भी उम्मीद जतायी कि शमी भविष्य में युवा गेंदबाजों को सीम और स्विंग के सिद्धांत सिखाएँगे।
टेस्ट करियर के आँकड़े
शमी ने 64 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 229 विकेट झटके। वह आखिरी बार जून 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफेद जर्सी में मैदान पर उतरे थे। गौरतलब है कि उस फाइनल के बाद से वह चोट और फिटनेस की चुनौतियों से जूझते रहे, जिसने उनकी टेस्ट वापसी को लंबा खींचा।
आगे की राह
टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बावजूद शमी सीमित ओवरों के प्रारूपों में सक्रिय रहेंगे। उनकी यह पारी भारतीय तेज गेंदबाजी की उस समृद्ध विरासत का हिस्सा है जिसे जसप्रीत बुमराह और अन्य युवा गेंदबाज आगे ले जा रहे हैं।