मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, 64 मैचों में लिए 229 विकेट; मोर्केल बोले — 'दुखद दिन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 7 नवंबर 2026 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 36 वर्षीय इस दाएं हाथ के गेंदबाज ने अपने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेकर भारतीय तेज गेंदबाजी की एक पूरी पीढ़ी को परिभाषित किया। उनके संन्यास पर भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि यह उनके लिए एक दुखद दिन है।
मोर्केल की प्रतिक्रिया
न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में दूसरे वनडे से पहले मोर्केल ने कहा, 'मैं पहली बार जब ग्रुप से जुड़ा, उस समय शमी टीम का हिस्सा थे। इसलिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। आपको पता है कि वह एक स्किलफुल खिलाड़ी हैं और काफी क्षमतावान हैं। मुझे यहां शुरुआती समय में उनसे काफी मदद मिली।'
उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें जाते देखना एक दुखद दिन है। लेकिन हां, वह अभी भी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं और खूब गेंदबाजी कर रहे हैं। यह देखना बहुत अच्छा है।'
शमी का भावनात्मक संदेश
शमी ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, 'मैं सफेद जर्सी तो छोड़ रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरा बस एक ही सपना था, अपने देश के लिए कुछ कर दिखाना — तब से लेकर अब तक, हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।'
शमी ने यह भी कहा, 'मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं रहा, बल्कि यह मेरी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा रहा है। आज, भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ, मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं।'
आखिरी टेस्ट और करियर की झलक
शमी ने आखिरी बार जून 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए सफेद जर्सी पहनी थी। इसके बाद चोटों और फिटनेस चुनौतियों के कारण वे लंबे समय तक टेस्ट मैदान से दूर रहे। गौरतलब है कि वे घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे और अपनी गेंदबाजी जारी रखी।
शमी ने बीसीसीआई, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB), अपने सभी साथी खिलाड़ियों, कोचों, परिवार के सदस्यों और उन करोड़ों भारतीयों का हृदय से आभार व्यक्त किया जो उनके टेस्ट सफर में साथ रहे।
क्रिकेट जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय तेज गेंदबाजी में पीढ़ी-परिवर्तन हो रहा है। जसप्रीत बुमराह के नेतृत्व में युवा तेज गेंदबाज भविष्य की कमान संभाल रहे हैं, लेकिन शमी की स्विंग गेंदबाजी और सीम मूवमेंट की दक्षता की भरपाई आसान नहीं होगी। उनकी विदाई भारतीय क्रिकेट के एक स्वर्णिम तेज गेंदबाजी दौर के अंत का प्रतीक है।
आगे की राह
शमी ने संकेत दिया है कि वे घरेलू क्रिकेट और सीमित ओवरों के प्रारूपों में खेलते रहेंगे। उनकी उपलब्धियाँ और संघर्ष से भरी वापसियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।