7 नवंबर 2026
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ओडिशा विजिलेंस को आईटीआई प्रिंसिपल के राउरकेला फ्लैट से ₹5.16 लाख नकद बरामद, ₹30,000 रिश्वत में पकड़े गए थे

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ओडिशा विजिलेंस को आईटीआई प्रिंसिपल के राउरकेला फ्लैट से ₹5.16 लाख नकद बरामद, ₹30,000 रिश्वत में पकड़े गए थे

सारांश

₹30,000 की रिश्वत में रंगे हाथ पकड़े गए बलांगीर आईटीआई प्रिंसिपल के राउरकेला फ्लैट से ओडिशा विजिलेंस को ₹5.16 लाख नकद और मिले। नकदी का स्रोत स्पष्ट न होने पर मामला आय से अधिक संपत्ति में बदल सकता है। तलाशी अभी जारी है।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस ने 7 नवंबर 2026 को आईटीआई बलांगीर के प्रिंसिपल सुरेश कुमार दलाबेहेरा को ₹30,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
ट्रैप के बाद राउरकेला स्थित आवासीय फ्लैट से ₹5.16 लाख अतिरिक्त नकद बरामद और जब्त।
आरोप है कि रिश्वत अतिथि प्रशिक्षकों की नौकरी बरकरार रखने और समय पर वेतन दिलाने के एवज में ली गई।
नकदी का स्रोत स्पष्ट न होने पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने की संभावना।
विजिलेंस टीमें अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी रखे हुए हैं; जाँच अभी चल रही है।

ओडिशा विजिलेंस को 7 नवंबर 2026 को सरकारी आईटीआई, बलांगीर के प्रिंसिपल सुरेश कुमार दलाबेहेरा के राउरकेला स्थित आवासीय फ्लैट की तलाशी में ₹5.16 लाख अतिरिक्त नकद राशि बरामद हुई है। इससे पहले दलाबेहेरा को अतिथि प्रशिक्षकों से ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।

मामले का मूल घटनाक्रम

विजिलेंस के अनुसार, प्रिंसिपल दलाबेहेरा पर आरोप है कि उन्होंने अतिथि प्रशिक्षकों की नौकरी बरकरार रखने और उनके वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के एवज में ₹30,000 की रिश्वत माँगी और ली। विजिलेंस की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन के ज़रिए उन्हें मौके पर ही धर दबोचा।

छापेमारी में क्या मिला

ट्रैप सफल होते ही विजिलेंस अधिकारियों ने दलाबेहेरा से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। इसी कड़ी में राउरकेला के आवासीय फ्लैट से ₹5.16 लाख नकद बरामद हुए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अन्य ठिकानों पर तलाशी अभी जारी है।

आय से अधिक संपत्ति की जाँच

विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, बरामद नकदी के स्रोत का हिसाब माँगा जा रहा है। दलाबेहेरा की घोषित आय और संपत्ति का मिलान किया जा रहा है। यदि नकदी का स्रोत संतोषजनक ढंग से स्पष्ट नहीं हो पाया, तो जाँच आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी तब्दील हो सकती है।

आगे क्या होगा

विजिलेंस की टीमें अभी भी कई अन्य स्थानों पर तलाशी ले रही हैं, जहाँ और नकदी, दस्तावेज़ या संपत्ति से जुड़े कागज़ात मिलने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने कहा है कि जाँच पूरी होने के बाद समग्र जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। गौरतलब है कि यह मामला ओडिशा के सरकारी शिक्षण संस्थानों में भ्रष्टाचार की बढ़ती शिकायतों की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की रिश्वत के पीछे ₹5.16 लाख की नकदी बताती है कि यह शायद एकबारगी घटना नहीं थी। असली सवाल यह है कि क्या विजिलेंस की जाँच केवल व्यक्ति तक सीमित रहेगी, या पूरे तंत्र को खंगाला जाएगा जिसने इस भ्रष्टाचार को पनपने दिया।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश कुमार दलाबेहेरा को किस आरोप में पकड़ा गया?
आईटीआई बलांगीर के प्रिंसिपल सुरेश कुमार दलाबेहेरा को ओडिशा विजिलेंस ने अतिथि प्रशिक्षकों से ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि यह रकम प्रशिक्षकों की नौकरी जारी रखने और वेतन के नियमित भुगतान के बदले माँगी गई थी।
राउरकेला फ्लैट से कितनी नकदी बरामद हुई?
ट्रैप ऑपरेशन के बाद विजिलेंस ने राउरकेला स्थित दलाबेहेरा के आवासीय फ्लैट की तलाशी में ₹5.16 लाख नकद बरामद किए और उन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया। यह राशि रिश्वत में पकड़ी गई ₹30,000 से अलग और अतिरिक्त है।
क्या दलाबेहेरा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बन सकता है?
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, बरामद नकदी के स्रोत का हिसाब माँगा जा रहा है और उनकी आय तथा संपत्ति का मिलान किया जा रहा है। यदि नकदी का स्रोत संतोषजनक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ, तो जाँच आय से अधिक संपत्ति के मामले में तब्दील हो सकती है।
अतिथि प्रशिक्षकों को रिश्वत क्यों देनी पड़ रही थी?
शिकायत के अनुसार, अतिथि प्रशिक्षकों की सेवा का नवीनीकरण और उनके वेतन का समय पर भुगतान प्रिंसिपल के विवेक पर निर्भर था। कथित तौर पर इसी कमज़ोरी का फायदा उठाकर दलाबेहेरा ने रिश्वत माँगी।
ओडिशा विजिलेंस की जाँच अभी कहाँ तक पहुँची है?
7 नवंबर 2026 तक विजिलेंस की टीमें दलाबेहेरा से जुड़े अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी रखे हुए हैं। विभाग ने कहा है कि जाँच पूरी होने के बाद ही सभी विवरण सार्वजनिक किए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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