5 अक्टूबर 2026
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ओडिशा विजिलेंस की मयूरभंज इंजीनियर पर छापेमारी: 2 इमारतें, 5 एकड़ फार्महाउस, 20 प्लॉट बरामद

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ओडिशा विजिलेंस की मयूरभंज इंजीनियर पर छापेमारी: 2 इमारतें, 5 एकड़ फार्महाउस, 20 प्लॉट बरामद

सारांश

ओडिशा विजिलेंस ने मयूरभंज के आर एंड बी इंजीनियर अरबिंद मोहंती के 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी और दो इमारतें, पाँच एकड़ का फार्महाउस, 20 प्लॉट व ₹2.77 लाख नकद बरामद किए। उसी दिन भुवनेश्वर में एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर को ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस ने 5 अक्टूबर 2026 को मयूरभंज, बालासोर और खुर्दा में 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
आरोपी: बारीपदा आर एंड बी डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती ; आरोप — आय से अधिक संपत्ति (डीए)।
बरामदगी में 2 बहुमंजिला इमारतें , 5 एकड़ फार्महाउस , 20 प्लॉट , ₹2.77 लाख नकद , तीन वाहन शामिल।
2 लॉकर अभी खुलने बाकी; वित्तीय निवेशों की जाँच जारी।
उसी दिन भुवनेश्वर में रेवेन्यू इंस्पेक्टर निरंजन सिंह को ₹5,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

ओडिशा विजिलेंस ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को मयूरभंज जिले के बारीपदा आर एंड बी डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति का पर्दाफाश किया। आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डीए) रखने के आरोप में की गई यह कार्रवाई मयूरभंज, बालासोर और खुर्दा जिलों में 10 स्थानों पर एक साथ की गई।

छापेमारी का विस्तार और बरामदगी

विजिलेंस की टीमों का नेतृत्व पाँच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) ने किया, जिनके साथ आठ इंस्पेक्टर और अन्य सहयोगी कर्मचारी तैनात थे। यह छापेमारी बारीपदा के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी वारंट के आधार पर अंजाम दी गई।

छापेमारी में अब तक जो संपत्तियाँ मिली हैं, उनमें दो बहुमंजिला इमारतें, पाँच एकड़ का फार्महाउस (जिसमें दो मछली के तालाब और एक पोल्ट्री फार्म शामिल हैं), बालासोर शहर और उसके आसपास 20 महंगे प्लॉट, ₹2.77 लाख नकद, एक चार-पहिया वाहन और दो दो-पहिया वाहन शामिल हैं।

संपत्तियों का विवरण

बरामद इमारतों में बालासोर के अंगारगडिया में लगभग 3,500 वर्ग फुट की तीन मंजिला इमारत और खुर्दा जिले के बालियांटा (भुवनेश्वर के बाहरी इलाके) में लगभग 1,800 वर्ग फुट की दो मंजिला इमारत शामिल हैं। बालासोर जिले के बसंतपुर में स्थित फार्महाउस अभी मूल्यांकन के दायरे में है।

विजिलेंस की तकनीकी टीम इन इमारतों, फार्महाउस और प्लॉट की माप तथा मूल्यांकन में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, मोहंती की पत्नी और एक सहयोगी के नाम पर मौजूद दो लॉकर अभी खोले जाने बाकी हैं, जबकि वित्तीय साधनों में जमा राशि और अन्य निवेशों का भी पता लगाया जा रहा है।

दूसरी कार्रवाई: रिश्वत लेते रेवेन्यू इंस्पेक्टर गिरफ्तार

इसी दिन एक अलग घटना में, भुवनेश्वर के यूनिट-फाइव में केशरी नगर सर्कल के रेवेन्यू इंस्पेक्टर निरंजन सिंह को ओडिशा विजिलेंस ने रंगे हाथों पकड़ा। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, सिंह पर एक आवेदक से ₹5,000 की रिश्वत माँगने और स्वीकार करने का आरोप है। यह रिश्वत शिकायतकर्ता की माँ और छोटे भाई की मृत्यु के बाद कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में जाँच रिपोर्ट तैयार कर भेजने के बदले माँगी गई थी।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा विजिलेंस ने हाल के महीनों में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाइयाँ तेज की हैं। गौरतलब है कि सड़क एवं भवन (आर एंड बी) विभाग लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझता रहा है, जहाँ ठेकेदारों से कमीशन और सरकारी परियोजनाओं में घालमेल के मामले सामने आते रहे हैं। अरबिंद मोहंती का मामला इस पैटर्न की एक और कड़ी प्रतीत होती है।

आगे की जाँच

विजिलेंस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि लॉकर खुलने के बाद संपत्ति का कुल आँकड़ा और बढ़ सकता है। फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स और बैंक खातों की जाँच जारी है, और अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट कुछ दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

20 प्लॉट, पाँच एकड़ का फार्महाउस — एक सरकारी इंजीनियर के वेतनमान के लिहाज से असाधारण है और यह बताती है कि आर एंड बी जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर विभागों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। उसी दिन एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर का ₹5,000 की मामूली रिश्वत लेते पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि समस्या शीर्ष तक सीमित नहीं है — यह निचले स्तर की नौकरशाही में भी व्याप्त है। असली परीक्षा अब यह है कि क्या विजिलेंस की यह कार्रवाई मुकदमे तक पहुँचती है या फ़ाइलों में दबकर रह जाती है, जैसा अतीत में कई मामलों में हुआ है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरबिंद मोहंती कौन हैं और उन पर क्या आरोप है?
अरबिंद मोहंती मयूरभंज जिले के बारीपदा स्थित बेटाकोटी आर एंड बी सब-डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डिस्प्रोपोर्शनेट एसेट्स) रखने का आरोप है, जिसके चलते बारीपदा के स्पेशल जज (विजिलेंस) ने वारंट जारी किया।
ओडिशा विजिलेंस को छापेमारी में क्या-क्या मिला?
विजिलेंस को अब तक दो बहुमंजिला इमारतें, पाँच एकड़ का फार्महाउस (जिसमें मछली के तालाब और पोल्ट्री फार्म हैं), बालासोर में 20 महंगे प्लॉट, ₹2.77 लाख नकद और तीन वाहन मिले हैं। दो लॉकर अभी खुलने बाकी हैं और वित्तीय निवेशों की जाँच जारी है।
यह छापेमारी कितने जिलों में और कितनी जगहों पर हुई?
ओडिशा विजिलेंस ने मयूरभंज, बालासोर और खुर्दा — तीन जिलों में कुल 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम का नेतृत्व पाँच डीएसपी ने किया, जिनके साथ आठ इंस्पेक्टर और सहयोगी कर्मचारी शामिल थे।
रेवेन्यू इंस्पेक्टर निरंजन सिंह को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
निरंजन सिंह को भुवनेश्वर के यूनिट-फाइव में केशरी नगर सर्कल में ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। यह रिश्वत एक आवेदक से कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में जाँच रिपोर्ट तैयार करने के बदले माँगी गई थी।
आगे जाँच में क्या होने की उम्मीद है?
विजिलेंस की तकनीकी टीम इमारतों, फार्महाउस और प्लॉट का मूल्यांकन कर रही है। दो लॉकर खुलने और वित्तीय निवेशों की जाँच पूरी होने के बाद संपत्ति का कुल आँकड़ा और अधिक बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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