कोरियाई सीमा तनाव: यूएन महासचिव गुटेरेस की अपील — 'दोनों पक्ष सीधा सैन्य संपर्क बहाल करें'
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उत्तर और दक्षिण कोरिया से कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनज़र सभी संचार माध्यम — विशेष रूप से सैन्य स्तर पर सीधा संपर्क — तत्काल बहाल करने की अपील की है। 7 नवंबर 2026 को आई यह अपील 21 सितंबर को असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद और गहराए तनाव की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे।
गुटेरेस की चेतावनी और अपील
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने गुरुवार को नियमित प्रेस वार्ता में बताया कि महासचिव गुटेरेस कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति और डीएमजेड में तनाव बढ़ने की आशंका को लेकर गहरी चिंता में हैं। दुजारिक ने कहा, 'गुटेरेस संबंधित पक्षों को सैन्य स्तर सहित सभी संचार माध्यमों को फिर शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य किसी अनचाही घटना या गलत आकलन से पैदा होने वाले टकराव को रोकना है।'
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने और स्थायी शांति हासिल करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता कूटनीतिक बातचीत और नए सिरे से संवाद कायम करना है।
डीएमजेड विस्फोट और जाँच के निष्कर्ष
21 सितंबर 2026 को डीएमजेड में बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए। इस घटना में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर थी।
दक्षिण कोरिया की सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान की संयुक्त जाँच में निष्कर्ष निकाला गया कि यह विस्फोट उत्तर कोरिया की ओर से सैन्य सीमांकन रेखा के दक्षिण में जानबूझकर बिछाई गई कार्मिक रोधी बारूदी सुरंगों के कारण हुआ। हालाँकि, उत्तर कोरिया ने इस आरोप को खारिज करते हुए दक्षिण कोरिया की जाँच के निष्कर्षों को 'मनगढ़ंत' बताया।
सुरक्षा परिषद और वार्ता के प्रयास
दक्षिण कोरिया ने 22 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इस मामले से अवगत कराते हुए उत्तर कोरिया से घटना के लिए माफी माँगने, बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की।
23 अक्टूबर को सोल ने उत्तर कोरिया के सामने औपचारिक सैन्य वार्ता का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सैन्य सीमांकन रेखा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने, सैन्य संचार माध्यम बहाल करने और सीमा पर आकस्मिक झड़पों को रोकने के उपायों पर बातचीत शामिल है। ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान को शामिल करते हुए त्रिपक्षीय वार्ता का विकल्प भी दक्षिण कोरिया ने खुला रखा है।
संचार माध्यमों का बंद होना — एक बड़ी चिंता
उत्तर कोरिया ने पहले दक्षिण कोरिया के साथ अपने कई संचार संपर्क एकतरफा तोड़ लिए थे। सैन्य अधिकारियों के बीच सीधा हॉटलाइन न होने से सीमा पर किसी घटना के दौरान गलतफहमी और अनायास टकराव का खतरा बना रहता है। यह ऐसे समय में और गंभीर हो जाता है जब दोनों पक्षों के बीच राजनयिक बातचीत भी ठप है।
क्षेत्रीय कूटनीति और आगे की राह
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों कोरियाई देशों के बीच संवाद पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब यूएन प्रमुख ने कोरियाई तनाव पर इस तरह की चिंता व्यक्त की हो, लेकिन डीएमजेड में बारूदी सुरंग जैसी ठोस घटना के बाद की यह अपील अधिक तात्कालिकता लिए हुए है। उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अगला कदम इस संकट की दिशा तय करेगा।