हनुमान जयंती 2026: प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से उमड़े श्रद्धालु, लंबी कतारें
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज के संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर 7 नवंबर 2026 को भोर से ही हज़ारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और दूर-दूर के भक्त गंगा स्नान कर बजरंगबली के दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते रहे। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए।
मंदिर में भक्तिमय माहौल
मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक आयोजनों की धूम रही। सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने महाबली हनुमान जी के श्रीचरणों में शीश नवाकर देश में सुख-शांति, परिवार की समृद्धि और जन-कल्याण की प्रार्थना की।
प्रशासन की व्यवस्था
मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर कतारों को सुव्यवस्थित किया गया। पुलिस और ज़िला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए, जिससे दर्शन में कोई व्यवधान न हो। एक श्रद्धालु के अनुसार भीड़ अधिक होने के बावजूद व्यवस्था सुचारू रही।
श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव
प्रयागराज निवासी शशिकांत मिश्रा ने बताया कि आज हनुमान जी का जन्मोत्सव होने के कारण यह अवसर विशेष महत्त्व रखता है। उन्होंने पूजा-अर्चना कर देशभर में शांति और सद्भावना की कामना की। युवा श्रद्धालु सचिन सिंह ने बताया कि वे अपने भविष्य के लिए प्रार्थना करने आए थे और सुबह-सुबह स्नान कर दर्शन किए।
एक अन्य श्रद्धालु संजय चौरसिया ने कहा कि वे नियमित रूप से यहाँ आते हैं, लेकिन जयंती के दिन भीड़ कई गुना अधिक रहती है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पा रहे हैं।
प्रयागराज का धार्मिक महत्त्व
गौरतलब है कि प्रयागराज को 'आस्था की नगरी' और 'संगम नगरी' के रूप में जाना जाता है। यहाँ स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है — यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में है, जो इसे देश के अनूठे मंदिरों में से एक बनाती है। हनुमान जयंती, महाकुंभ और अन्य पर्वों पर यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं। आगामी त्योहारी सीज़न में भी इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहने की संभावना है।