18 जुलाई 2026
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हनुमानगढ़ी अयोध्या में जेठ माह के पांचवें मंगलवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना

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हनुमानगढ़ी अयोध्या में जेठ माह के पांचवें मंगलवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना

सारांश

जेठ माह के पांचवें और अंतिम मंगलवार पर अयोध्या की हनुमानगढ़ी में आस्था का सैलाब उमड़ा। गोरखपुर, नवाबगंज समेत कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के दर्शन किए और प्रशासन की सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की सराहना की।

मुख्य बातें

2 जून 2026 को जेठ माह के पांचवें मंगलवार पर हनुमानगढ़ी, अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
गोरखपुर , नवाबगंज सहित विभिन्न जिलों व राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग , पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई।
श्रद्धालु अर्चना पाठक और चंदन यादव सहित कई भक्तों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की।
भंडारे में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी।

अयोध्या स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में 2 जून 2026 को जेठ माह के पांचवें और अंतिम मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, और दूर-दूर के जिलों व राज्यों से आए श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भक्तों ने मुक्त कंठ से सराहना की।

मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन

जेठ माह के मंगलवारों का भगवान हनुमान की उपासना में विशेष स्थान माना जाता है, और पांचवां मंगलवार होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही। मंदिर परिसर में भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। भंडारे में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी।

प्रशासनिक व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम

मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गईं। भीड़ प्रबंधन के बेहतर इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु अर्चना पाठक ने बताया कि जेठ माह के पांचवें मंगलवार का विशेष महत्व है और लोगों की भगवान हनुमान में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा, 'श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो रहे हैं और भंडारे में प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।' उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

गोरखपुर से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में भारी भीड़ के बावजूद दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं और दर्शन के दौरान उन्हें आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई।

नवाबगंज से आए श्रद्धालु चंदन यादव ने कहा कि हनुमानगढ़ी में दर्शन कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करा रहे हैं, जिससे किसी को असुविधा नहीं हुई।

हनुमानगढ़ी का धार्मिक महत्व

हनुमानगढ़ी को उत्तर भारत के प्रमुख सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है और यह अयोध्या के धार्मिक परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है। गौरतलब है कि जेठ माह के मंगलवारों पर यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और इस वर्ष पांचवां मंगलवार होने के कारण आस्था का यह प्रवाह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

आगे की स्थिति

जेठ माह की समाप्ति के साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना है, लेकिन अयोध्या में धार्मिक पर्यटन का प्रवाह वर्षभर बना रहता है। प्रशासन की सुनियोजित व्यवस्थाओं ने इस बार बड़े आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन का यह मानक नियमित रूप से बनाए रखा जा सके। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ स्थायी बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमानगढ़ी में जेठ माह के पांचवें मंगलवार का क्या महत्व है?
जेठ माह के मंगलवारों को भगवान हनुमान की उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। पांचवां और अंतिम मंगलवार होने के कारण इस दिन हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है।
2 जून 2026 को हनुमानगढ़ी में कहां-कहां से श्रद्धालु आए?
गोरखपुर, नवाबगंज सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से श्रद्धालु अयोध्या की हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालु अर्चना पाठक ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग विभिन्न जिलों और राज्यों से यहां आए।
हनुमानगढ़ी में भीड़ प्रबंधन के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं?
मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, पेयजल और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की थी। इन इंतजामों के चलते भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
हनुमानगढ़ी मंदिर कहां स्थित है और इसका क्या महत्व है?
हनुमानगढ़ी उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित एक प्रमुख सिद्ध पीठ है, जो उत्तर भारत के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है। यह भगवान हनुमान को समर्पित मंदिर अयोध्या के धार्मिक परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है।
क्या हनुमानगढ़ी में भंडारे की व्यवस्था भी थी?
हां, 2 जून 2026 को जेठ माह के पांचवें मंगलवार पर हनुमानगढ़ी में भंडारे में प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालु अर्चना पाठक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भक्तों को सुगमता से दर्शन और प्रसाद दोनों प्राप्त हुए।
राष्ट्र प्रेस
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