हनुमानगढ़ी अयोध्या में जेठ माह के पांचवें मंगलवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में 2 जून 2026 को जेठ माह के पांचवें और अंतिम मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, और दूर-दूर के जिलों व राज्यों से आए श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भक्तों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन
जेठ माह के मंगलवारों का भगवान हनुमान की उपासना में विशेष स्थान माना जाता है, और पांचवां मंगलवार होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही। मंदिर परिसर में भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। भंडारे में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम
मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गईं। भीड़ प्रबंधन के बेहतर इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
दर्शन के लिए पहुंचीं श्रद्धालु अर्चना पाठक ने बताया कि जेठ माह के पांचवें मंगलवार का विशेष महत्व है और लोगों की भगवान हनुमान में गहरी आस्था है। उन्होंने कहा, 'श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो रहे हैं और भंडारे में प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।' उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
गोरखपुर से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में भारी भीड़ के बावजूद दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं और दर्शन के दौरान उन्हें आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई।
नवाबगंज से आए श्रद्धालु चंदन यादव ने कहा कि हनुमानगढ़ी में दर्शन कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करा रहे हैं, जिससे किसी को असुविधा नहीं हुई।
हनुमानगढ़ी का धार्मिक महत्व
हनुमानगढ़ी को उत्तर भारत के प्रमुख सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है और यह अयोध्या के धार्मिक परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा है। गौरतलब है कि जेठ माह के मंगलवारों पर यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और इस वर्ष पांचवां मंगलवार होने के कारण आस्था का यह प्रवाह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
आगे की स्थिति
जेठ माह की समाप्ति के साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना है, लेकिन अयोध्या में धार्मिक पर्यटन का प्रवाह वर्षभर बना रहता है। प्रशासन की सुनियोजित व्यवस्थाओं ने इस बार बड़े आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।