11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बड़ा मंगल 2025: हनुमानगढ़ी में भोर से उमड़े श्रद्धालु, प्रयागराज में 3 कुंतल आम-सेब से भव्य श्रृंगार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बड़ा मंगल 2025: हनुमानगढ़ी में भोर से उमड़े श्रद्धालु, प्रयागराज में 3 कुंतल आम-सेब से भव्य श्रृंगार

सारांश

ज्येष्ठ मास के चौथे बड़े मंगल पर अयोध्या की हनुमानगढ़ी और प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। 3 कुंतल आम-सेब और 5,000 फूलों से सजे हनुमान जी, नौतपा की तपन में शीतलता की प्रार्थना के साथ।

मुख्य बातें

26 मई को ज्येष्ठ मास के चौथे बड़ा मंगल पर अयोध्या की हनुमानगढ़ी में भोर से भारी भीड़ उमड़ी।
प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में 3 कुंतल आम , 3 कुंतल सेब , 5,000 लच्छी मोंगरा फूल , 2 कुंतल गेंदा और 1 कुंतल हरे आम के पत्तों से भव्य श्रृंगार किया गया।
महंत बलवीर गिरि महाराज ने रुद्र शुक्त से महाभिषेक, महाआरती और सुंदरकांड पाठ संपन्न कराया।
इस वर्ष नौतपा और गंगा दशहरा के साथ बड़े मंगल का संगम होने से धार्मिक महत्व विशेष रूप से बढ़ा।
पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही श्रीराम और हनुमान का प्रथम मिलन हुआ था।

ज्येष्ठ मास के चौथे मंगलवार बड़ा मंगल के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में मंगलवार, 26 मई को भोर होते ही हज़ारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा, जबकि प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में विशेष सामग्री से भव्य श्रृंगार किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रयागराज स्थित बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि महाराज ने बताया कि इस वर्ष श्रृंगार विशेष रूप से भव्य रहा। उन्होंने कहा, तीन कुंतल आम, तीन कुंतल सेब, लगभग 5,000 लच्छी मोंगरा के फूल, दो कुंतल गेंदा और एक कुंतल हरे आम के पत्तों से हनुमान जी महाराज का श्रृंगार किया गया।

इसके अतिरिक्त रुद्र शुक्त से महाभिषेक और महाआरती संपन्न हुई। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ जारी रहा तथा संध्याकाल में श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन रखा गया।

धार्मिक महत्व और मान्यताएँ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल अथवा बुढ़वा मंगल कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इसी माह के मंगलवार को भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान का प्रथम मिलन हुआ था, जिससे इन दिनों हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व है।

भक्तों की आस्था है कि बड़े मंगल पर की गई साधना संकटों का नाश करती है, मंगल दोष दूर होता है और शारीरिक-मानसिक बल की प्राप्ति होती है।

नौतपा और गंगा दशहरा का संगम

महंत बलवीर गिरि महाराज ने बताया कि इस समय गंगा दशहरा और नौतपा का पर्व भी साथ-साथ चल रहा है, जिससे इस काल का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि पवनदेव के पुत्र होने के नाते हनुमान जी के बारे में मान्यता है कि वे भीषण गर्मी में भी शीतलता और राहत प्रदान करते हैं। इसी कारण नौतपा की तपन में भी उनसे सबको शीतलता देने की विशेष प्रार्थना की जा रही है।

आम जनता पर असर

अयोध्या और प्रयागराज दोनों शहरों में श्रद्धालुओं की भारी आवक के कारण मंदिर परिसरों के आसपास भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतज़ाम किए गए। भक्त भोर से ही पंक्तियों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं, और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल है।

क्या होगा आगे

ज्येष्ठ मास में अभी और मंगलवार शेष हैं, और प्रत्येक बड़ा मंगल पर इसी प्रकार के आयोजन होते रहेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार आगामी मंगलवारों पर भी विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार का कार्यक्रम निर्धारित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर भारत की सांस्कृतिक एकता का भी दर्पण है — जहाँ अयोध्या और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थल एक साथ लाखों श्रद्धालुओं को जोड़ते हैं। नौतपा और गंगा दशहरा के साथ इस पर्व का संगम यह दर्शाता है कि भारतीय पंचांग में कई पर्वों का एक साथ आना श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा करता है। हालाँकि, भारी भीड़ के बीच तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एक ऐसा पहलू है जिस पर प्रशासन को निरंतर सतर्क रहना होगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बड़ा मंगल क्या होता है और इसका महत्व क्यों है?
बड़ा मंगल ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाने वाला पर्व है, जिसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी माह के मंगलवार को भगवान श्रीराम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था, इसलिए इन दिनों हनुमान जी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है।
प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर में इस बार श्रृंगार कैसे किया गया?
महंत बलवीर गिरि महाराज के अनुसार इस बार 3 कुंतल आम, 3 कुंतल सेब, लगभग 5,000 लच्छी मोंगरा के फूल, 2 कुंतल गेंदा और 1 कुंतल हरे आम के पत्तों से हनुमान जी का श्रृंगार किया गया। रुद्र शुक्त से महाभिषेक और महाआरती भी संपन्न हुई।
नौतपा के दौरान हनुमान जी की पूजा का क्या विशेष महत्व है?
धार्मिक मान्यता है कि पवनदेव के पुत्र होने के नाते हनुमान जी भीषण गर्मी में शीतलता और राहत प्रदान करते हैं। इसीलिए नौतपा की तपन के दौरान उनसे विशेष प्रार्थना की जाती है कि वे सभी को शीतलता दें।
बड़े मंगल पर की गई साधना से क्या लाभ मिलता है?
भक्तों की मान्यता है कि बड़े मंगल पर की गई साधना और पूजा-अर्चना से संकटों का नाश होता है, मंगल दोष दूर होता है और शारीरिक व मानसिक शक्ति की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष बड़ा मंगल कब-कब पड़ रहा है?
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। 26 मई 2025 ज्येष्ठ मास का चौथा मंगलवार था। इस माह के शेष मंगलवारों पर भी मंदिरों में विशेष आयोजन होते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले