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गंगा दशहरा और चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग: अयोध्या-प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान-दान

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गंगा दशहरा और चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग: अयोध्या-प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान-दान

सारांश

गंगा दशहरा और ज्येष्ठ के चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग इस वर्ष एक ही दिन पड़ा — और अयोध्या व प्रयागराज में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सरयू घाटों से लेटे हनुमान मंदिर तक, सुबह 3 बजे से ही लाखों श्रद्धालु दर्शन-स्नान के लिए जुटे।

मुख्य बातें

26 मई 2025 को गंगा दशहरा और ज्येष्ठ के चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग एक साथ पड़ा।
अयोध्या के सरयू घाटों पर सुबह 3 बजे से श्रद्धालुओं की अटूट भीड़ उमड़ी।
प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर और संगम तट पर भी भारी संख्या में भक्त पहुँचे।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने स्वयं व्यवस्था का निरीक्षण किया; जल पुलिस , पीएसी और एसडीआरएफ तैनात रहीं।
महंत सीताराम दास के अनुसार इस दिन स्नान-दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

अयोध्या और प्रयागराज में 26 मई 2025 को गंगा दशहरा और ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग एक साथ पड़ने से धार्मिक स्थलों पर आस्था का असाधारण सैलाब उमड़ा। अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर और प्रयागराज के पावन संगम तट पर सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की अटूट कतारें लग गईं। इस पवित्र संयोग ने दोनों नगरों को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया।

मुख्य घटनाक्रम

धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा वह पावन तिथि है जब भगीरथ की कठोर तपस्या के फलस्वरूप माँ गंगा ने धरती पर अवतरण किया था। महंत सीताराम दास ने बताया, 'आज पवित्र गंगा दशहरा का पर्व है। इसी दिन माँ गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। मान्यता है कि इस दिन भगीरथ जी ने कठोर तपस्या कर माँ गंगा को प्रसन्न किया था, जिसके बाद माँ गंगा ने उनके पूर्वजों के उद्धार के लिए धरती पर अवतार लिया। आज के दिन जो भी माँ गंगा में स्नान और दान करता है, उसे पुण्य की प्राप्ति होती है।' इस वर्ष यह पर्व बड़े मंगल के साथ एक ही दिन पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया।

सुरक्षा व्यवस्था

एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने स्वयं सरयू घाटों और प्रमुख मंदिरों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया, 'सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु लगातार आ रहे हैं। स्नान करने के बाद सभी श्रद्धालु मंदिरों में जाकर दर्शन कर रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यहाँ जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात हैं। वहीं, बैरिकेडिंग भी लगाई गई है और इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी श्रद्धालु नियमों का उल्लंघन न करे।'

प्रयागराज में बड़े मंगल का उत्साह

संगम नगरी प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर पर चौथे बड़े मंगल के अवसर पर भक्तों की असाधारण भीड़ उमड़ी। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गईं। एक स्थानीय युवा श्रद्धालु ने बताया, 'आज चौथा बड़ा मंगल है। गंगा दशहरा के कारण यहाँ बहुत भीड़ लगी हुई है। मैं सुबह 4 बजे से लाइन में लगा हुआ हूँ और अब जाकर मुझे दर्शन प्राप्त हुए हैं।' श्रद्धालु रोहित पांडे ने कहा, 'आज के इस पावन संयोग पर इतनी भारी भीड़ के बीच भगवान के दर्शन करना सौभाग्य की बात है। मैंने बजरंगबली और माँ गंगा से पूरे विश्व के कल्याण और शांति की प्रार्थना की है।'

आम श्रद्धालुओं पर असर

दर्शन के लिए आईं एक महिला भक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, 'हम यहाँ महावीर जी के दर्शन करने आए हैं। भीड़ बहुत ज्यादा है, लेकिन प्रशासन की व्यवस्था के कारण हमारे दर्शन बहुत अच्छे से हो गए। यहाँ आकर मन को बहुत शांति मिली।' यह संयोग ऐसे समय में आया है जब ज्येष्ठ माह में बड़े मंगल की परंपरा पहले से ही लाखों श्रद्धालुओं को अयोध्या और प्रयागराज खींचती है — दोनों पर्वों का एक साथ पड़ना इस वर्ष भीड़ को असाधारण स्तर पर ले गया।

क्या होगा आगे

ज्येष्ठ माह में बड़े मंगल की श्रृंखला जारी रहेगी और प्रशासन का अनुमान है कि अगले मंगल पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचेंगे। धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर दोनों नगरों में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ऐसे आयोजनों में भगदड़ की ऐतिहासिक घटनाएँ यह भी याद दिलाती हैं कि भीड़ प्रबंधन में एक क्षण की चूक भारी पड़ सकती है। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो इन धार्मिक अवसरों पर बुनियादी ढाँचे पर दबाव और बढ़ाती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगा दशहरा 2025 कब है और इसका क्या महत्व है?
गंगा दशहरा 2025 में 26 मई को मनाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगीरथ की तपस्या के फलस्वरूप माँ गंगा ने धरती पर अवतरण किया था, और इस दिन स्नान-दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
बड़ा मंगल क्या होता है और यह कहाँ मनाया जाता है?
बड़ा मंगल ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को कहते हैं, जिसे उत्तर प्रदेश — विशेषकर अयोध्या और प्रयागराज — में विशेष धार्मिक महत्व के साथ मनाया जाता है। इस दिन हनुमान मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है और विशेष पूजा-अर्चना होती है।
26 मई को गंगा दशहरा और बड़े मंगल का संयोग क्यों खास रहा?
इस वर्ष गंगा दशहरा और ज्येष्ठ के चौथे बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग एक ही तिथि — 26 मई — को पड़ा। दो प्रमुख धार्मिक अवसरों के एक साथ आने से अयोध्या और प्रयागराज में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कहीं अधिक रही।
अयोध्या और प्रयागराज में भीड़ प्रबंधन के क्या इंतजाम किए गए?
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। घाटों और मंदिरों पर जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं, बैरिकेडिंग लगाई गई और नियम-पालन सुनिश्चित किया गया।
प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में बड़े मंगल पर क्या हुआ?
प्रयागराज के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में चौथे बड़े मंगल पर असाधारण भीड़ उमड़ी। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गईं और कई श्रद्धालु सुबह 4 बजे से कतार में लगे रहे।
राष्ट्र प्रेस
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