सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब: प्रयागराज संगम, अयोध्या सरयू और नर्मदापुरम में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
सारांश
मुख्य बातें
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर 15 जून 2026 को प्रयागराज के संगम तट से लेकर अयोध्या की सरयू नदी और मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के सेठानी घाट तक लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। इस वर्ष यह पर्व विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है, क्योंकि यह अधिक मास और सोमवार के दिन एक साथ पड़ रहा है — एक दुर्लभ संयोग जो धार्मिक महत्व को कई गुना बढ़ा देता है।
प्रयागराज संगम पर श्रद्धा का उफान
प्रयागराज के संगम तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की अटूट कतार देखी गई। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम पर डुबकी लगाने पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि सोमवती अमावस्या का बहुत महत्व है — इस दिन पवित्र स्नान और दान-पुण्य से आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है तथा व्यक्ति को आशीर्वाद व सद्गुणों की प्राप्ति होती है।
संगम तट पर उपस्थित एक संत ने कहा, 'यह बहुत खास महीना और त्योहारों का अहम समय है। आज जो भी गंगा स्नान करके जिस कामना से पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिन्होंने कभी कुछ नहीं किया है, उनको भी गंगा में डुबकी लगाने से विशेष फल मिलता है।'
अयोध्या में सरयू तट पर धार्मिक अनुष्ठान
अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। एक श्रद्धालु ने बताया कि अधिक मास का आज आखिरी दिन है और सरयू में स्नान से विशेष फल मिलता है। किरन तिवारी ने कहा कि सरयू नदी में स्नान का बड़ा महत्व माना गया है, जबकि कुसुम मिश्रा ने कहा कि अमावस्या पर स्नान करना काफी फलदायी होता है।
उज्जैन राम घाट पर विशेष पुण्य का संयोग
उज्जैन के राम घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पुजारी अजय जोशी ने कहा, 'सोमवती अमावस्या को वैसे भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस साल इसे खास तौर पर शुभ माना जा रहा है क्योंकि यह अधिक मास और सोमवार के दिन पड़ रही है। माना जाता है कि इससे भक्तों को बहुत ज्यादा आध्यात्मिक पुण्य मिलता है।'
नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर सुबह 4 बजे से जनसैलाब
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। नर्मदापुरम सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पर्व स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। पूरे घाट क्षेत्र में भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम
सभी प्रमुख घाटों पर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस और होमगार्ड की टीमें घाट क्षेत्रों में लगातार तैनात रहकर व्यवस्था संभालती रहीं। यह पर्व हर वर्ष उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों पर करोड़ों आस्थावानों को एकजुट करता है — और इस वर्ष अधिक मास के संयोग ने इसे और भी असाधारण बना दिया।