क्या मौनी अमावस्या पर हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला?

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क्या मौनी अमावस्या पर हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला?

सारांश

मौनी अमावस्या पर हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कड़ाके की ठंड में भी, लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। यह दिन उनके लिए विशेष महत्व रखता है। जानिए इस पवित्र अवसर पर क्या हुआ।

Key Takeaways

  • मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
  • हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का संगम देखने को मिला।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
  • भक्तों ने पारंपरिक तरीके से अनुष्ठान किए।
  • मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व अत्यधिक है।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मौनी अमावस्या के अवसर पर धार्मिक नगरी हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला है। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालु स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन में लीन हैं।

हरिद्वार में रविवार को हजारों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगाने, पूजा-पाठ करने और तर्पण करने के लिए 'हर की पौड़ी' पर इकट्ठा हुए, जबकि अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और निगरानी के साथ सब कुछ सुचारू रूप से सुनिश्चित किया। एक श्रद्धालु ने कहा कि आज मौनी अमावस्या है और हम इसे पारंपरिक तरीके से मना रहे हैं। वह व्यक्तिगत रूप से हर मौनी अमावस्या पर यहां आते हैं। इसका परिवार के सदस्यों और पूर्वजों के लिए विशेष महत्व है।

वाराणसी में भी मौनी अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया। एक महिला ने कहा कि यह कृष्ण पक्ष का नौवां दिन, मौनी अमावस्या है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं, अपनी हैसियत के हिसाब से दान करते हैं, पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं।

दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित विवेकानंद ने कहा कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष में मौनी व्रत रखने वाले भक्त गंगा में अनुष्ठान करने आते हैं। गंगा में स्नान करने के बाद, वे पवित्र डुबकी लगाते हैं, अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी शांति व कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं। बच्चे भी इन अनुष्ठानों में भक्ति भाव से भाग लेते हैं।

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन होता है। ऐसे में बड़ी संख्या में वहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार सुबह घने कोहरे और ठंड के मौसम के बीच मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट आए।

ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान का महत्व बहुत ज्यादा है। मान्यताओं के अनुसार, 33 करोड़ देवी-देवता प्रयागराज आते हैं और पवित्र स्नान करते समय मौन व्रत रखते हैं, जो इस अनुष्ठान के आध्यात्मिक महत्व को बताता है।

श्रद्धालुओं ने कहा कि मौनी अमावस्या है और इस पवित्र मौके पर हम यहां पवित्र स्नान करने आए हैं। हम आधी रात के करीब निकले थे, और स्नान पूरा करने के बाद अब हम घर वापस जा रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने माघ मेला के दौरान व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

प्रयागराज में संगम घाट पर कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि शनिवार शाम 6 बजे से अब तक सभी घाटों पर लगभग पचास लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। भीड़ उम्मीद से ज्यादा है, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्नान की प्रक्रिया सुचारू रूप से और व्यवस्थित तरीके से चल रही है।

डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान आज हो रहा है और आधी रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान कर रहे हैं। स्नान छह घंटे से ज्यादा समय से चल रहा है और यह प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी है। हर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं और स्नान कर रहे हैं।

Point of View

वाराणसी और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थलों पर यह दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे मौकों पर श्रद्धालुओं की संख्या और सुरक्षा व्यवस्थाओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

मौनी अमावस्या का महत्व क्या है?
मौनी अमावस्या का महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत अधिक है। इसे व्रत रखने और पवित्र स्नान का दिन माना जाता है।
कहाँ-कहाँ मौनी अमावस्या मनाई जाती है?
मौनी अमावस्या मुख्य रूप से हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में मनाई जाती है।
आस्था का संगम क्या है?
आस्था का संगम उन स्थानों पर होता है जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होकर धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं।
क्या मौनी अमावस्या पर स्नान करना अनिवार्य है?
मौनी अमावस्या पर स्नान करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभ माना जाता है।
मौनी अमावस्या पर कौन-कौन से अनुष्ठान किए जाते हैं?
मौनी अमावस्या पर श्रद्धालु पूजा, व्रत और तर्पण जैसे अनुष्ठान करते हैं।
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