दीपावली पर उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सैलाब, 12 घंटे कतार में खड़े रहे यात्री
सारांश
मुख्य बातें
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर 7 नवंबर 2026 को दीपावली से पहले यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ घर लौटने को बेताब यात्री 12-12 घंटे तक लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हुए। बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों को लौट रहे हज़ारों प्रवासी मज़दूर और परिवार टिकट व सीट की अनिश्चितता के बीच स्टेशन पर डटे रहे।
मुख्य घटनाक्रम
स्टेशन पर मौजूद बिहार के निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया, 'हम लोग सुबह 3 बजे से कतार में खड़े हैं। हमें उम्मीद है कि बिहार तक ट्रेन मिल जाएगी।' वहीं दानापुर जाने के इच्छुक अभिषेक कुमार ने कहा, 'मैं सुबह करीब 4 बजे से स्टेशन पर कतार में खड़ा हूँ, लेकिन ट्रेन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं घर पहुँच पाऊँगा या नहीं, यह भी निश्चित नहीं है।' यह तस्वीर दर्शाती है कि त्योहारी सीज़न में प्रवासी-बहुल सूरत से घर लौटने की चाहत कितनी प्रबल होती है।
रेलवे की तैयारियाँ
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने बताया कि दीपावली की छुट्टियों के चलते यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जालोर, झाझापुर और अन्य व्यस्त मार्गों पर लगातार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पूरे पश्चिम रेलवे क्षेत्र में 190 से अधिक ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं, जबकि अकेले सूरत और उधना क्षेत्र से 70 से अधिक ट्रेनें और 300 से अधिक फेरे अधिसूचित किए गए हैं।
10 अक्टूबर से अब तक 10 ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं, जिनमें से 5 ट्रेनें सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, झाझापुर के लिए अचानक बढ़ती माँग को देखते हुए अतिरिक्त विशेष ट्रेनें भी चलाई गईं। सक्सेना ने आश्वासन दिया कि जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, उसी अनुपात में अतिरिक्त ट्रेनें संचालित की जाएँगी।
यात्रियों के आवागमन के आँकड़े
सक्सेना के अनुसार, केवल रात 11 बजे से सुबह के बीच 14,000 से 15,000 यात्री सफर कर चुके हैं। 1 अक्टूबर से अब तक इस मार्ग से 4 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। गौरतलब है कि सूरत में बड़ी संख्या में बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रवासी कामगार रहते हैं, जो हर दीपावली पर घर लौटते हैं — और हर साल भीड़ की यह स्थिति दोहराई जाती है।
यात्री सुविधाएँ और सुरक्षा
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), पर्याप्त टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क, पुरुष-महिला और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग मॉड्यूलर शौचालय, 150 से अधिक स्पीकर और एटीएम मशीनें तैनात की हैं। जिन यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से सीटें मिलीं, उन्होंने रेलवे की तैयारियों पर सापेक्ष संतोष व्यक्त किया। हालाँकि, ट्रेनों की जानकारी न मिलने से कई यात्रियों में अनिश्चितता बनी रही।
आगे की स्थिति
दीपावली के निकट आते ही भीड़ के और बढ़ने की आशंका है। रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यात्री प्रवाह के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की व्यवस्था सक्रिय रखी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सूरत जैसे औद्योगिक शहरों से त्योहारी पलायन हर वर्ष रेलवे अवसंरचना की सीमाओं को उजागर करता है।