डीडीयू जंक्शन पर दीपावली-छठ भीड़: बाथरूम में बैठकर सफर, वेटिंग 276 पार
सारांश
मुख्य बातें
दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन, चंदौली पर 6 नवंबर 2026 को दीपावली और छठ पूजा से पहले यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है और यात्री बाथरूम तक में बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। वेटिंग लिस्ट 276 तक पहुँच चुकी है, तत्काल टिकट भी कंफर्म नहीं हो रहे और स्पेशल ट्रेनें माँग के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं।
मुख्य घटनाक्रम
आनंद विहार से धनबाद जा रहे यात्री कृष्णा कुमार ने बताया कि वे 12-13 घंटे से एक ही जगह बैठे हैं और हिल भी नहीं पा रहे। उनके अनुसार, बाथरूम में लोग बैठे हैं, एक बाथरूम खाली है उसमें पानी भी नहीं है। हम लोग तो किसी तरह बैठे भी हैं, लेकिन महिलाओं की स्थिति और खराब है।
प्रयागराज से पटना जा रहे यात्री विशाल कुमार ने बताया कि उन्हें न सीट मिली और न ही टिकट कंफर्म हुआ। उन्होंने कहा कि तत्काल में टिकट कराया था, वो भी कंफर्म नहीं हुआ। स्थिति इतनी गंभीर है कि दो महीने पहले कटाई गई टिकट भी कंफर्म नहीं हुई।
बोगियों में क्षमता से तिगुनी भीड़
आनंद विहार से बिहार जा रहे एक नवविवाहित यात्री ने बताया कि जिन बोगियों में 100 लोगों के बैठने की क्षमता है, वहाँ 300 से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। पानी की व्यवस्था नहीं है और शौचालय की स्थिति बेहद खराब है। दिल्ली से सुबह 10:45 बजे से खड़े यात्रियों ने भी घंटों से एक इंच भी न हिल पाने की बात कही।
यात्रियों की माँग — पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें
यात्रियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनें चलाई तो जा रही हैं, लेकिन जनसंख्या के अनुपात में ये नाकाफी हैं। एक यात्री ने कहा, सभी को पता है कि अगर पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें चलेंगी तो लोग उनसे यात्रा करेंगे। कोई भी ऐसी स्थिति में सफर नहीं करना चाहता जहाँ पैर रखने तक की जगह न हो।
यात्रियों ने सरकार से अपील की है कि दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनें अनिवार्य रूप से चलाई जाएँ।
आम जनता पर असर
यह समस्या केवल डीडीयू जंक्शन तक सीमित नहीं है — उत्तर-पूर्व भारत को जोड़ने वाला यह प्रमुख जंक्शन त्योहारी सीज़न में देशभर के प्रवासी श्रमिकों और परिवारों की आवाजाही का केंद्र बन जाता है। महिलाओं और बच्चों की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बताई जा रही है। गौरतलब है कि यह हर साल दोहराई जाने वाली समस्या है, जिसमें रेलवे की तैयारी माँग से पीछे रह जाती है। आने वाले दिनों में छठ पूजा के साथ भीड़ और बढ़ने की आशंका है।