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आयुष मंत्रालय का वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल: ऑफिस में 5 मिनट के योग से मिलेगी तनाव से मुक्ति

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आयुष मंत्रालय का वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल: ऑफिस में 5 मिनट के योग से मिलेगी तनाव से मुक्ति

सारांश

आयुष मंत्रालय का वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल — आसन, प्राणायाम और ध्यान का 5 मिनट का संगम — ऑफिस की कुर्सी से उठे बिना तनाव घटाने और ऊर्जा लौटाने का सरकारी नुस्खा है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने कार्यालय कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक (Y-Break) प्रोटोकॉल को बढ़ावा दिया है।
प्रोटोकॉल में तीन अभ्यास शामिल हैं — आसन , प्राणायाम और ध्यान ।
सिर्फ 5 मिनट में, बिना योग मैट या अलग जगह के, ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य कर्मचारियों में तनाव कम करना , एकाग्रता बढ़ाना और कार्यक्षमता सुधारना है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पहल की जानकारी साझा की।

आयुष मंत्रालय ने कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक (Y-Break) प्रोटोकॉल को बढ़ावा देना शुरू किया है — एक ऐसी पहल जो सिर्फ 5 मिनट के योग अभ्यास के ज़रिए कार्यस्थल के तनाव को कम करने और दोबारा ऊर्जा भरने का लक्ष्य रखती है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस प्रोटोकॉल की जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि इसके लिए न तो योग मैट की ज़रूरत है और न ही कोई अलग जगह।

क्या है वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल

वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है जो घंटों डेस्क पर बैठकर काम करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि कर्मचारी काम के बीच एक छोटा विराम लेकर अपने शरीर और मन को तरोताज़ा कर सकें, ताकि वे दोबारा बेहतर एकाग्रता के साथ काम पर लौट सकें। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह प्रोटोकॉल कर्मचारियों की उत्पादकता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

प्रोटोकॉल के तीन मुख्य स्तंभ

वाई-ब्रेक में योग के तीन प्रमुख अभ्यास शामिल हैं — आसन, प्राणायाम और ध्यान। आसन के ज़रिए शरीर को हल्का और सक्रिय रखने में मदद मिलती है। प्राणायाम यानी श्वास-संबंधी अभ्यास मन को शांत करने और तनाव के स्तर को कम करने में सहायक माने जाते हैं। वहीं, ध्यान (मेडिटेशन) से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और आंतरिक शांति मिलती है।

सुविधाजनक और बिना किसी उपकरण के

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे भी किया जा सकता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह खासतौर पर उपयोगी है। न कोई विशेष स्थान चाहिए, न कोई उपकरण — बस कुछ मिनट और एक छोटी सी इच्छाशक्ति।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब दीपावली जैसे त्योहारों के आसपास कार्यालयी ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ घरेलू तैयारियों का बोझ भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थकान, चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव आज के कार्यस्थल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। कार्यस्थल पर नियमित माइक्रो-ब्रेक लेने की संस्कृति को बढ़ावा देना कर्मचारियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकता है।

क्या होगा आगे

आयुष मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया के ज़रिए इस प्रोटोकॉल को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा रहा है। यह देखना बाकी है कि आने वाले समय में सरकारी और निजी कार्यालयों में इसे कितनी व्यापकता से अपनाया जाता है। यदि यह पहल बड़े पैमाने पर लागू होती है, तो यह भारत के कार्यस्थल स्वास्थ्य परिदृश्य में एक सार्थक बदलाव साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सरकारी या निजी नियोक्ता इसे संस्थागत रूप देंगे या यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल होकर रह जाएगी। भारत में कार्यस्थल मानसिक स्वास्थ्य अभी भी बड़े पैमाने पर उपेक्षित है और एक सरकारी पोस्ट से सांस्कृतिक बदलाव नहीं आता। जब तक नियोक्ता इस ब्रेक को कामकाजी दिन का आधिकारिक हिस्सा नहीं बनाते, तब तक अधिकांश कर्मचारियों के लिए यह एक सुझाव भर बनकर रह जाएगा — ज़रूरत नहीं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाई-ब्रेक (Y-Break) प्रोटोकॉल क्या है?
वाई-ब्रेक आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यालय कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया एक छोटा योग-आधारित विराम कार्यक्रम है। इसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान के सरल अभ्यास शामिल हैं जिन्हें काम के बीच सिर्फ 5 मिनट में किया जा सकता है।
वाई-ब्रेक के लिए क्या-क्या चाहिए?
इसके लिए न कोई योग मैट चाहिए, न कोई अलग कमरा। ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही इसका अभ्यास किया जा सकता है, जिससे काम बाधित नहीं होता।
वाई-ब्रेक से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित वाई-ब्रेक से तनाव कम होता है, मन तरोताज़ा होता है और दोबारा बेहतर एकाग्रता के साथ काम करने में मदद मिलती है। इससे दीर्घकालिक मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
वाई-ब्रेक में कौन-कौन से योग अभ्यास शामिल हैं?
प्रोटोकॉल में तीन मुख्य अभ्यास हैं — आसन (शरीर को सक्रिय करने के लिए), प्राणायाम (श्वास-अभ्यास जो मन शांत करे) और ध्यान (मानसिक एकाग्रता और शांति के लिए)।
आयुष मंत्रालय ने यह पहल क्यों शुरू की?
लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने, मीटिंग और डेडलाइन के दबाव से उत्पन्न तनाव को देखते हुए मंत्रालय ने यह पहल शुरू की। विशेषकर त्योहारी मौसम में जब कार्यालयी और घरेलू ज़िम्मेदारियाँ एक साथ बढ़ जाती हैं, तब यह अभ्यास और भी प्रासंगिक हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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