वाई-ब्रेक: आयुष मंत्रालय का योग फॉर्मूला जो लंबी शिफ्ट में भी रखेगा फिट और फोकस्ड

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वाई-ब्रेक: आयुष मंत्रालय का योग फॉर्मूला जो लंबी शिफ्ट में भी रखेगा फिट और फोकस्ड

सारांश

आयुष मंत्रालय का 'वाई-ब्रेक' कार्यालय कर्मचारियों के लिए एक सरल योग समाधान है। कुर्सी पर बैठे-बैठे किए जाने वाले इस अभ्यास से पीठ दर्द, तनाव और मानसिक थकान कम होती है। दिन में 2-3 बार करने से उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों सुधरते हैं।

Key Takeaways

  • आयुष मंत्रालय ने कार्यालय कर्मचारियों के लिए 'वाई-ब्रेक' योग कार्यक्रम शुरू किया है।
  • यह अभ्यास कुर्सी पर बैठे-बैठे किया जा सकता है — किसी विशेष स्थान या उपकरण की जरूरत नहीं।
  • इसमें ताड़ासन, कटिचक्रासन, ग्रीवा संचालन और नाड़ी शोधन प्राणायाम शामिल हैं।
  • दिन में 2-3 बार वाई-ब्रेक लेने से पीठ दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव में कमी आती है।
  • पूरी विधि और वीडियो आयुष मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।
  • नियमित अभ्यास से कर्मचारियों की उत्पादकता और एकाग्रता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया 'वाई-ब्रेक' (Yoga Break) उन लाखों कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी समाधान बनकर उभरा है, जो रोज़ाना लंबी शिफ्ट में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं और गर्दन, पीठ व कंधों के दर्द के साथ-साथ मानसिक तनाव से जूझते हैं। यह एक छोटा, सरल और कहीं भी किया जा सकने वाला योग अभ्यास है, जिसे कर्मचारी अपनी सीट से उठे बिना ही कर सकते हैं।

क्या है 'वाई-ब्रेक' और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

आधुनिक कार्यालय संस्कृति में 8 से 10 घंटे तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना आम बात हो गई है। इससे शरीर का पॉश्चर बिगड़ता है, कमर दर्द, गर्दन में जकड़न, घुटनों की समस्या और मोटापा जैसी बीमारियाँ पैर पसार रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शारीरिक निष्क्रियता दुनिया में मृत्यु के प्रमुख कारणों में चौथे स्थान पर है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 'वाई-ब्रेक' कार्यक्रम तैयार किया। इसका मूल उद्देश्य यह है कि कर्मचारी दिन में दो से तीन बार महज कुछ मिनट का यह योग ब्रेक लेकर अपने शरीर और मन को तरोताज़ा कर सकें।

वाई-ब्रेक में शामिल हैं ये आसान अभ्यास

'वाई-ब्रेक' में योगासन, प्राणायाम और ध्यान का संयोजन है। इसमें शामिल प्रमुख अभ्यास इस प्रकार हैं:

ताड़ासन (बैठे-बैठे शरीर को ऊपर की ओर खींचना), कटिचक्रासन (कमर को धीरे-धीरे घुमाना), और ग्रीवा संचालन (गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग) इसके मुख्य आसन हैं। इसके साथ नाड़ी शोधन प्राणायाम और सरल ध्यान भी इसमें जोड़े गए हैं।

इन अभ्यासों को करने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें, पीठ को सीधा रखें और हाथों को घुटनों पर रखें। पेट को अंदर खींचें और फिर धीरे-धीरे ढीला छोड़ें। गर्दन को दाएं-बाएं घुमाएं और गहरी सांस लेते हुए पैरों को फैलाएं।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

नियमित 'वाई-ब्रेक' करने से रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियों की जकड़न कम होती है और शरीर में अनावश्यक चर्बी जमा होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है। लगातार बैठे रहने से होने वाला मोटापा भी इससे नियंत्रित रहता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से यह अभ्यास तनाव, चिंता और मानसिक थकान को कम करने में सहायक है। इससे कर्मचारियों की एकाग्रता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनता है और उत्पादकता बढ़ती है।

आयुष मंत्रालय की पहल और उपलब्ध संसाधन

आयुष मंत्रालय ने 'वाई-ब्रेक' की पूरी विधि और प्रदर्शन वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर निःशुल्क उपलब्ध कराए हैं। मंत्रालय का स्पष्ट सुझाव है कि प्रत्येक कार्यालय कर्मचारी दिन में कम से कम दो से तीन बार यह ब्रेक लें।

गौरतलब है कि भारत में कॉर्पोरेट वर्कफोर्स की संख्या करोड़ों में है और IT, बैंकिंग, सरकारी दफ्तर जैसे क्षेत्रों में डेस्क जॉब करने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में 'वाई-ब्रेक' जैसी सरल पहल का व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व है।

व्यापक संदर्भ: भारत में बढ़ती वर्कप्लेस हेल्थ समस्याएं

हाल के वर्षों में भारत में वर्कप्लेस से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। 2023 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कर्मचारियों में मस्कुलोस्केलेटल विकार (हड्डी और मांसपेशी संबंधी समस्याएं) तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आयुष मंत्रालय की यह पहल इस दिशा में एक सरकारी स्तर का ठोस कदम है।

आने वाले समय में उम्मीद है कि सरकार इस कार्यक्रम को सरकारी दफ्तरों में अनिवार्य रूप से लागू करने पर विचार करेगी, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है।

Point of View

बल्कि भारत की बढ़ती वर्कप्लेस हेल्थ क्राइसिस का स्वीकार है। विडंबना यह है कि जिस देश में योग को वैश्विक पहचान दिलाई गई, वहीं करोड़ों कर्मचारी डेस्क जॉब की वजह से गंभीर शारीरिक बीमारियों की ओर बढ़ रहे हैं। सरकारी जागरूकता अभियान तभी सफल होंगे जब कंपनियां और नियोक्ता इसे कार्यस्थल नीति का हिस्सा बनाएं — महज यूट्यूब वीडियो से काम नहीं चलेगा। असली परीक्षा इस पहल के क्रियान्वयन में है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

वाई-ब्रेक क्या है और इसे किसने शुरू किया?
'वाई-ब्रेक' भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक छोटा योग अभ्यास कार्यक्रम है। इसे कार्यालय कर्मचारी अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे कर सकते हैं और इसमें योगासन, प्राणायाम व ध्यान शामिल हैं।
वाई-ब्रेक कैसे करें और इसमें कौन से आसन शामिल हैं?
वाई-ब्रेक में ताड़ासन, कटिचक्रासन, ग्रीवा संचालन और नाड़ी शोधन प्राणायाम शामिल हैं। कुर्सी पर सीधे बैठकर गर्दन घुमाना, कमर स्ट्रेच करना और गहरी सांस लेना इसके मुख्य चरण हैं।
वाई-ब्रेक के क्या फायदे हैं?
नियमित वाई-ब्रेक से पीठ दर्द, गर्दन की जकड़न और मोटापा नियंत्रित होता है। इससे मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और कार्यक्षमता में सुधार आता है।
दिन में कितनी बार वाई-ब्रेक लेना चाहिए?
आयुष मंत्रालय के अनुसार हर कर्मचारी को दिन में कम से कम दो से तीन बार वाई-ब्रेक लेना चाहिए। यह कुछ ही मिनटों का अभ्यास है जो दिनभर की थकान दूर करता है।
वाई-ब्रेक की पूरी विधि कहाँ से सीखें?
आयुष मंत्रालय ने वाई-ब्रेक की पूरी विधि और प्रदर्शन वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर निःशुल्क उपलब्ध कराए हैं। इन्हें देखकर कोई भी आसानी से यह अभ्यास शुरू कर सकता है।
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