कुशीनगर बस हादसा: लबनिया चौराहे पर दिल्ली-बिहार बस पलटी, बच्ची समेत 3 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कुशीनगर जिले के लबनिया चौराहे के पास 7 नवंबर 2026 को एक भीषण सड़क हादसे में दिल्ली से बिहार जा रही यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को कुशीनगर मेडिकल कॉलेज और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन तत्काल मौके पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्य आरंभ किया। बस में सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई और आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस ने यातायात नियंत्रित कर क्षतिग्रस्त बस को हटवाया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
चिकित्सा प्रतिक्रिया और मृत्यु की पुष्टि
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा प्रभारी डॉ. पुष्कर पाठक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुल चार लोग लाए गए थे। इनमें से एक अज्ञात व्यक्ति को ब्रॉट डेड लाया गया, जिसके शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया गया है।
डॉ. पाठक ने यह भी बताया कि सात वर्षीया बच्ची आकृति कुशवाहा का उपचार कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनके अनुसार, दो और मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सीधे मोर्चरी हाउस लाया गया, जिससे इस हादसे में कुल तीन मौतों की पुष्टि हुई।
हादसे का संभावित कारण
पुलिस हादसे के कारणों की जाँच कर रही है। शुरुआती जाँच में तेज रफ्तार और चालक के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, अधिकारियों के अनुसार विस्तृत जाँच के बाद ही दुर्घटना की सटीक वजह सामने आ सकेगी।
एक सप्ताह में दूसरा बड़ा हादसा
गौरतलब है कि इससे पहले बीते रविवार को भी कुशीनगर में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई थी। हाटा कोतवाली क्षेत्र के थरुडीह गाँव के पास एक वैन के ट्रेलर से टकरा जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे में मृत पाँच लोग एक ही परिवार के थे। अब एक सप्ताह के भीतर दूसरे बड़े हादसे ने जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है, जो उत्तर प्रदेश के इस राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने मामले में जाँच शुरू कर दी है। घायलों की स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर किए गए मरीजों की देखभाल जारी है। लगातार हो रहे हादसों के मद्देनजर जिले में सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की माँग तेज हो सकती है।