सोने में अगस्त के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी, MCX पर ₹1,42,364; कच्चा तेल 12% से ज्यादा टूटा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026: कच्चे तेल की कीमतों में अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट और वैश्विक बाजारों में छाई अनिश्चितता के बीच सोने ने अगस्त के बाद अपनी सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज की है। सप्ताहभर में सोने की कीमतों में करीब 4.5 प्रतिशत का उछाल आया, जबकि वैश्विक कच्चे तेल के प्रमुख बेंचमार्क 12 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए।
कमोडिटी बाजार का साप्ताहिक हाल
दिसंबर डिलीवरी वाला MCX सोना वायदा शुक्रवार को 1,731 रुपए यानी 1.20 प्रतिशत गिरकर ₹1,42,364 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.10 प्रतिशत बढ़कर ₹1,84,977 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,452 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि पिछले सप्ताह के अंत में यह ₹1,40,054 था — यानी सप्ताहभर में करीब 1 प्रतिशत की शुद्ध बढ़त।
कच्चे तेल में अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट
ऊर्जा बाजार में इस सप्ताह भारी उथल-पुथल रही। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 104-105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से गिरकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। ब्रेंट क्रूड भी 97-98 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में सिमट गया। दोनों प्रमुख बेंचमार्कों में सप्ताहभर में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि यह गिरावट वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों ने शेयर बाजारों से पूंजी निकालकर सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख किया, जिसने कीमती धातुओं को समर्थन दिया।
अमेरिकी फेड नीति और रोजगार आंकड़ों का असर
अक्टूबर की बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को यथावत रखा था, लेकिन बाद में फेड के कुछ अधिकारियों द्वारा मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए आगे और दर वृद्धि का संकेत दिए जाने से बाजार में सख्ती की उम्मीदें फिर बढ़ गईं।
शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट ने इस संभावना को और मजबूत किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में गैर-कृषि रोजगार (नॉन-फार्म पेरोल) 1.65 लाख बढ़े — जबकि बाजार केवल 65,000 नई नौकरियों की उम्मीद कर रहा था। साथ ही बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत से घटकर 4.1 प्रतिशत पर आ गई।
इन मजबूत आंकड़ों के बाद दिसंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़कर करीब 81 प्रतिशत तक पहुंच गई। परिणामस्वरूप 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड लगभग 4.88 प्रतिशत तक पहुंच गई और डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सप्ताह के अंत में सोने और चांदी पर दबाव देखा गया।
भारत में भौतिक खरीदारी और तकनीकी स्तर
विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में आई नरमी ने दिवाली से पहले भारत में भौतिक खरीदारी को बढ़ावा दिया। हालांकि अमेरिकी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका तथा ऊंची उधारी लागत सोने में दीर्घकालिक तेजी को सीमित कर सकती है।
तकनीकी दृष्टि से, MCX सोने के लिए ₹1,43,000-₹1,43,700 का दायरा निकटतम प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र है, जबकि ₹1,41,000-₹1,40,000 प्रमुख समर्थन (सपोर्ट) स्तर माना जा रहा है। चांदी के लिए ₹1,86,000-₹1,88,000 प्रतिरोध और ₹1,78,000-₹1,80,000 महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के रूप में देखे जा रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार फेड की भविष्य की नीति और तेल की मांग को लेकर दिशा तलाश रहे हैं — आने वाले सप्ताह में फेड के वक्तव्यों पर सभी की नजर रहेगी।