मुंगेर दीपोत्सव: 11.11 लाख दीपों से दमका गंगा किनारा, सीएम सम्राट चौधरी ने 83 KM मरीन ड्राइव का किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 नवंबर 2026 को मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर में 11 लाख 11 हज़ार 111 दीप प्रज्वलित कर भव्य दीपोत्सव का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में गंगा का पूरा किनारा जगमग हो उठा और मुख्यमंत्री ने मुंगेर से भागलपुर के बीच 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की घोषणा भी की।
दीपोत्सव का आयोजन और पूजा-अर्चना
कार्यक्रम श्रीश्री 108 बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव में शामिल होने से पहले मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और बिहार की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ भी दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि कल्याणपुर की धरती पर एक साथ 11 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करना ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भगवान श्रीराम के अधर्म पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है।
83 KM मरीन ड्राइव और विकास की घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने मुंगेर और भागलपुर के बीच करीब 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की घोषणा की। उनके अनुसार इससे आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ पैदा होंगी। यह क्षेत्र पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उन्हीं कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
गंगा जल प्रबंधन और नितिन गडकरी से समझौता
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के जल प्रबंधन पर भी महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नेपाल की तराई और सोन नदी से आने वाले पानी के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है।
इस समस्या के समाधान के लिए 2 नवंबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ एक महत्त्वपूर्ण समझौता किया गया। गंगा से गाद निकालने और जल संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से पानी को किसानों के खेतों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे फसलों की सिंचाई सुनिश्चित हो सकेगी।
रोज़गार और उद्यमिता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने रोज़गार के मुद्दे पर कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले ऐसी व्यवस्था बनाना है जिससे बिहार के लोगों को मजबूरी में मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। राज्य सरकार ने 1 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोज़गार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन बिहार में धार्मिक परंपरा और विकास योजनाओं के संगम के रूप में देखा जा रहा है।