दीपोत्सव मंच से सीएम योगी का प्रहार: 'मंथरा-मारीच अराजकता की साजिश रच रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के मंच से विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि 'कोपभवन में बैठे मंथरा और मारीच' एक बार फिर आतंकवाद, नक्सलवाद और अराजकता के ज़रिए देश को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बाँटने वाली ताकतों को एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देना होगा।
दीपोत्सव का 10वाँ संस्करण और राजनीतिक संदेश
राम की पैड़ी पर आयोजित दीपोत्सव के 10वें संस्करण में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि रहे, जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी समारोह में उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में पहले दीपोत्सव पर लोग सवाल उठाते थे, तब उन्होंने याद दिलाया था कि अयोध्या ने ही दुनिया को दीपावली दी है। उन्होंने कहा कि आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं — यह लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत का प्रमाण है।
36 वर्ष पुराने घावों का उल्लेख और माफी की माँग
मुख्यमंत्री ने कहा कि 36 वर्ष पहले सरयू का जल रामभक्तों के रक्त से लाल हुआ था। अयोध्या की गलियों को रक्तरंजित करने और राम मंदिर निर्माण में बाधाएँ खड़ी करने वाले आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो कभी कहते थे कि 'अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता', वे आज राम मंदिर में दर्शन का सपना देख रहे हैं। योगी ने ऐसे लोगों से रामभक्तों, कारसेवकों और संतों से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का दावा
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था जर्जर थी और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी धन नहीं था। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था ₹12 लाख करोड़ से बढ़कर ₹36 लाख करोड़ तक पहुँच गई है। इस बार अयोध्या में 36 लाख दीप प्रज्वलित किए गए, जिसे उन्होंने प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। आज उत्तर प्रदेश का बजट देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ा होने का दावा भी उन्होंने किया।
सुरक्षा, सुशासन और रामराज्य की अवधारणा
योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कोई दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर सकेगा और बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए गुहार नहीं लगानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामराज्य की अवधारणा धरातल पर उतर रही है — गरीब को मुफ्त राशन, नौजवान को रोज़गार, किसान को सम्मान और श्रमिक को उचित मानदेय इसी परिकल्पना का हिस्सा है। उन्होंने स्वयं को 'उत्तर प्रदेश का सेवक और प्रधानमंत्री मोदी का दूत' बताया।
अयोध्या का कायाकल्प और उत्सव का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में महज तीन घंटे बिजली मिलती थी, आज धर्म पथ, श्रीराम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ जैसे चौड़े मार्ग हैं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अयोध्या को देश-दुनिया से जोड़ा है और वंदे भारत तथा अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं। समारोह में थ्री-डी लेजर और लाइट शो के ज़रिए रामकथा जीवंत हुई, जबकि ड्रोन शो में आकाश पर उभरे रामायण के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगे भी विकसित भारत के संकल्प को 2047 तक पूरा करने के लिए एकजुटता का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएँ दीं।