दीपोत्सव मंच से CM योगी का तीखा प्रहार: रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले पहले माफी मांगें, फिर अयोध्या आएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव के 10वें संस्करण के मंच से विरोधियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं और संतों पर लाठियाँ बरसाईं, वे अयोध्या जरूर आएँ — लेकिन पहले रामभक्तों और संतों से क्षमा माँगें। उन्होंने कहा कि अपने कृत्यों का पश्चाताप करें, क्योंकि प्रभु श्रीराम सबके प्रति कृपालु हैं और क्षमा कर देंगे। समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन थे, जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
मुख्य संबोधन: क्या बोले CM योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कभी जय श्रीराम बोलने पर गोलियाँ चलती थीं, आज वही अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को जीवंत कर रही है।' उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई 'अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई' का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की अयोध्या देखकर त्रेता युग का स्मरण होता है। जिस प्रकार 14 वर्ष के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम के लौटने पर अयोध्या सजी होगी, वैसी ही अनुभूति आज रामनगरी करा रही है।
मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्होंने अयोध्या की गलियों को कभी रक्तरंजित किया, वे आज भी अपने लोभ का संवरण नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कथा में पहुँचते हैं तो उन्हें कथा और मुशायरे का अंतर तक नहीं पता, और अपनी उच्छृंखल वृत्ति से पवित्र परंपरा को अपवित्र करने का प्रयास करते हैं।
वैचारिक विजय और समरसता का संदेश
योगी ने कहा कि जिन लोगों ने न्यायालयों में वकीलों की फौज खड़ी कर श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का प्रयास किया था, आज वे भी राम के अस्तित्व को स्वीकार कर रहे हैं — 'यह वैचारिक विजय है।' उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी और गृध्रराज जटायु की उपस्थिति उसी सामाजिक समरसता का संदेश देती है जो श्रीराम ने जीकर दिखाई थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि यदि कोई मारीच बनकर आएगा तो राम के बाणों से बच नहीं पाएगा।
मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन में कारसेवकों के बलिदान, संतों के संघर्ष और अशोक सिंघल के नेतृत्व में चले आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि 500 वर्षों की चुनौतियों के बाद रामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी।
अयोध्या के विकास का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने बताया कि कभी अयोध्या में महज तीन घंटे बिजली मिलती थी, आज यह स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सोलर सिटी भी बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग ₹40,000 करोड़ की परियोजनाएँ अयोध्या के विकास में लगाई गई हैं या उन पर काम जारी है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राम की पैड़ी में सरयू का प्रवाह, माता शबरी के नाम पर रसोई और निषादराज के नाम पर रैन बसेरे आधुनिक अयोध्या की नई पहचान बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं और नगर का कायाकल्प हो चुका है।
दीपोत्सव: 25 लाख से आगे, 30 लाख दीपों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 हजार दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव अपने 10वें संस्करण में 25 लाख की सीमा पार कर चुका है। इस बार उपराष्ट्रपति के हाथों दीप प्रज्वलन के साथ 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए रामराज्य की अवधारणा को साकार करने का आह्वान किया। यह आयोजन दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों को भावनात्मक रूप से जोड़ रहा है।