20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

2030 तक बिहार से मजदूरी पलायन रोकेंगे: CM सम्राट चौधरी का मुंगेर में बड़ा ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
2030 तक बिहार से मजदूरी पलायन रोकेंगे: CM सम्राट चौधरी का मुंगेर में बड़ा ऐलान

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर में एक फुटबॉल कार्यक्रम के दौरान 2030 तक मजदूरी पलायन खत्म करने का संकल्प लिया। साथ ही 211 नए डिग्री कॉलेज और 700 मॉडल स्कूलों की उपलब्धि गिनाई — लेकिन असली परीक्षा इन वादों को ज़मीन पर उतारने में होगी।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी ने 19 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि 2030 तक बिहार से मजदूरी के लिए अनिवार्य पलायन नहीं होगा।
बेहतर नौकरी, व्यवसाय या पेशेवर करियर के लिए अन्य राज्यों में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
15 जुलाई 2026 को राज्य में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए; पहले केवल 272 कॉलेज थे।
राज्य में 700 'मॉडल स्कूल-सह-सरस्वती विद्या निकेतन' स्थापित, ग्रामीण छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएँ मिल रही हैं।
तारापुर विधानसभा क्षेत्र के हर ब्लॉक में स्टेडियम बनाने की घोषणा; निर्माण दो महीनों में शुरू होगा।
कहुआ में फुटबॉल टूर्नामेंट 1962 से हर साल आयोजित हो रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 अक्टूबर 2026 को अपने गृह जिले मुंगेर में एक फुटबॉल कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि 2030 तक बिहार के किसी भी व्यक्ति को केवल शारीरिक श्रम से आजीविका कमाने के लिए दूसरे राज्य में पलायन करने पर मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर सृजित करेगी।

मुख्य घोषणा और उसका दायरा

चौधरी ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र के संग्रामपुर ब्लॉक के कहुआ गाँव में नवरात्रि के नौवें दिन आयोजित वार्षिक फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल अनिवार्य श्रम-पलायन पर है — बेहतर नौकरियों, व्यावसायिक अवसरों या पेशेवर करियर के लिए युवाओं के अन्य राज्यों में जाने पर कोई रोक नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे।

खेल अवसंरचना का विस्तार

इस अवसर पर चौधरी ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक स्टेडियम निर्माण की घोषणा की, ताकि युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अगले दो महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।

यह टूर्नामेंट तारापुर क्षेत्र के पहले विधायक वासुकी राय के नाम पर बने खेल मैदान में आयोजित किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, कहुआ में यह फुटबॉल टूर्नामेंट 1962 से हर साल निरंतर आयोजित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने विजेता और उपविजेता टीमों के कप्तानों को ट्रॉफियाँ प्रदान कीं।

शिक्षा क्षेत्र में की गई पहलें

चौधरी ने बताया कि बिहार में पहले केवल 272 कॉलेज थे, जबकि 15 जुलाई 2026 को राज्यभर में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य में 700 'मॉडल स्कूल-सह-सरस्वती विद्या निकेतन' भी स्थापित किए गए हैं।

ये संस्थान छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएँ प्रदान करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी अपने गाँव छोड़े बिना विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उन्नत अध्ययन संसाधनों तक पहुँच बना सकते हैं।

आम जनता पर असर

बिहार ऐतिहासिक रूप से देश के सबसे बड़े श्रम-प्रेषण राज्यों में से एक रहा है। लाखों बिहारी मजदूर दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों में रोजगार के लिए जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बुनियादी ढाँचे और शिक्षा में निवेश बढ़ाकर स्थानीय रोजगार सृजन का माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि ऐसे वादे बिहार में पहले भी किए गए हैं — 2030 का यह नया लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब रोजगार सृजन के ठोस और मापने योग्य आँकड़े सामने आएँ।

क्या होगा आगे

तारापुर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण का काम दो महीनों में शुरू होने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार के 2030 के रोजगार लक्ष्य को पूरा करने के लिए निजी निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक नीति को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदमों की प्रतीक्षा रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में ऐसे संकल्प नए नहीं हैं — 'समृद्ध बिहार' का नारा वर्षों से गूँजता रहा है, जबकि पलायन की संख्या में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई। 211 नए कॉलेज और 700 मॉडल स्कूल शिक्षा अवसंरचना में वास्तविक प्रगति दर्शाते हैं, किंतु रोजगार सृजन के लिए निजी निवेश और औद्योगिक नीति के ठोस ढाँचे की आवश्यकता है जो अभी तक स्पष्ट नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि 2030 तक कितने सत्यापन-योग्य रोजगार राज्य के भीतर बने — केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि मापने योग्य परिणाम।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी ने 2030 तक पलायन रोकने का क्या वादा किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 2030 तक बिहार के किसी भी व्यक्ति को केवल शारीरिक श्रम से आजीविका कमाने के लिए दूसरे राज्य में पलायन करने पर मजबूर नहीं होना चाहिए। यह लक्ष्य राज्य में पर्याप्त रोजगार अवसर सृजित करके पूरा करने की योजना है।
क्या बिहार के युवा करियर के लिए दूसरे राज्य जा सकेंगे?
हाँ, चौधरी ने स्पष्ट किया कि बेहतर नौकरियों, व्यावसायिक अवसरों या पेशेवर करियर के लिए युवाओं के अन्य राज्यों में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। यह प्रतिबंध केवल अनिवार्य मजदूरी पलायन पर है।
बिहार में कितने नए कॉलेज खोले गए हैं?
15 जुलाई 2026 को बिहार में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया गया। इससे पहले राज्य में केवल 272 कॉलेज थे।
बिहार में मॉडल स्कूल योजना क्या है?
राज्यभर में 700 'मॉडल स्कूल-सह-सरस्वती विद्या निकेतन' स्थापित किए गए हैं जो ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अपना गाँव छोड़े बिना विशेषज्ञ मार्गदर्शन पा सकते हैं।
तारापुर क्षेत्र में स्टेडियम कब बनेंगे?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तारापुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक ब्लॉक में एक स्टेडियम बनाया जाएगा और निर्माण कार्य अगले दो महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले