21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में ओलंपिक स्तर की खेल सुविधाएं: सम्राट चौधरी ने राजगीर स्टेडियम 31 दिसंबर तक पूरा करने के दिए निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में ओलंपिक स्तर की खेल सुविधाएं: सम्राट चौधरी ने राजगीर स्टेडियम 31 दिसंबर तक पूरा करने के दिए निर्देश

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खेल विभाग की समीक्षा बैठक में ओलंपिक स्तर की सुविधाओं का रोडमैप पेश किया — राजगीर स्टेडियम की 31 दिसंबर की डेडलाइन से लेकर 5,266 ग्रामीण खेल मैदानों तक। बिहार अब खेल अवसंरचना में बड़ा दांव खेल रहा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 जून 2026 को खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
राजगीर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश।
राज्य की 8,053 में से 4,700 ग्राम पंचायतों में 5,266 खेल मैदान तैयार।
मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास के लिए बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन से समन्वय का निर्देश।
'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना के तहत राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को रोजगार का प्रावधान।
बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार, 6 जून 2026 को खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए ओलंपिक स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। राजगीर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने बैठक में पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाने की बात कही। साथ ही पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास में तेजी लाने के लिए बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने तथा स्टेडियम तक बेहतर सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण खेल अवसंरचना का विस्तार

चौधरी ने बताया कि राज्य की कुल 8,053 ग्राम पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदान बनकर तैयार हो चुके हैं। शेष मैदानों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं और प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और प्रशिक्षण

राज्य सरकार की 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ-साथ रोजगार का अवसर भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरण, कोचिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

बिहार खेल विश्वविद्यालय और पंचायत स्तर की पहल

राजगीर स्थित बिहार खेल विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया जिनमें नवाचार, राष्ट्रीय उपयोगिता और रोजगार की अधिक संभावनाएं हों। पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों और प्रतियोगिताओं के आयोजन का भी निर्देश दिया गया, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके। पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति विकसित करने की रणनीति भी साझा की गई।

बैठक में कौन रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार अगले कुछ वर्षों में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की रफ्तार होगी — राजगीर स्टेडियम की 31 दिसंबर की डेडलाइन पहले भी खिसकती रही है। 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' जैसी योजनाएं प्रोत्साहन देने में सही दिशा में हैं, पर ग्रामीण खेल मैदानों की गुणवत्ता और उनके नियमित उपयोग पर कोई सत्यापन तंत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। बिहार खेल विश्वविद्यालय में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर जोर सकारात्मक है, पर उसके लिए स्वायत्त शैक्षणिक नेतृत्व और उद्योग-संस्था साझेदारी की जरूरत होगी जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में ओलंपिक स्तर की खेल सुविधाएं कब तक तैयार होंगी?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। डुमरी खेल परिसर और अन्य अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से जारी है।
'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की योजना है जिसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाती है। यह योजना युवा खिलाड़ियों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
बिहार में अभी तक कितने ग्रामीण खेल मैदान बन चुके हैं?
राज्य की कुल 8,053 ग्राम पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदान बनकर तैयार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने शेष मैदानों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास की क्या स्थिति है?
पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। स्टेडियम तक बेहतर सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।
बिहार खेल विश्वविद्यालय में क्या बदलाव होंगे?
राजगीर स्थित बिहार खेल विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनमें नवाचार, राष्ट्रीय उपयोगिता और रोजगार की अधिक संभावनाएं हों। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले