आईपीएल में बिहार टीम पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, राजगीर में बन रहा 40,000 सीटों का स्टेडियम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर 'निश्चित रूप से एक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।' उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार क्रिकेट के बुनियादी ढाँचे और युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ाने हेतु 'मिशन मोड' में काम कर रही है। यह बयान सोशल मीडिया पर बिहार की अपनी आईपीएल फ्रेंचाइज़ी की माँग फिर से जोर पकड़ने के बीच आया है।
मुख्यमंत्री का बयान और सरकार का रुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'बिहार सरकार स्पष्ट दृष्टिकोण और मिशन के साथ क्रिकेट के विकास की दिशा में काम कर रही है। बिहार की क्रिकेट टीम के संबंध में निश्चित रूप से एक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब आईपीएल की 10 मौजूदा फ्रेंचाइज़ियाँ — मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स, गुजरात टाइटंस, दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स — में बिहार का प्रतिनिधित्व नहीं है।
बिहार के खिलाड़ी, बिहार की टीम नहीं
गौरतलब है कि आईपीएल 2026 में बिहार से जुड़े कई खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइज़ियों का हिस्सा हैं। वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स, ईशान किशन और साकिब हुसैन सनराइजर्स हैदराबाद, तथा मुकेश कुमार दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेल रहे हैं। यह विरोधाभास — बिहार के खिलाड़ी लीग में, लेकिन बिहार की अपनी टीम नहीं — लंबे समय से राज्य के क्रिकेट प्रेमियों में असंतोष का कारण रहा है।
राजगीर स्टेडियम: बुनियादी ढाँचे की नींव
राज्य सरकार राजगीर में लगभग 40,000 दर्शकों की क्षमता वाला एक नया अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बना रही है। यह स्टेडियम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्मित हो रहा है और राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है। इसे बिहार की क्रिकेट आकांक्षाओं के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम का नवीनीकरण
पटना के ऐतिहासिक मोइन-उल-हक स्टेडियम के नवीनीकरण की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि राज्य में क्रिकेट सुविधाओं का समग्र स्तर ऊँचा उठाया जा सके। इन दोनों परियोजनाओं को मिलाकर देखें तो बिहार सरकार का इरादा न केवल स्थानीय क्रिकेट को मजबूत करना है, बल्कि भविष्य में किसी संभावित आईपीएल फ्रेंचाइज़ी के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा भी तैयार करना है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब सभी की नज़रें बीसीसीआई पर हैं, जो आईपीएल फ्रेंचाइज़ी विस्तार पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रखता है। राजगीर स्टेडियम के पूरा होने और मोइन-उल-हक के नवीनीकरण के बाद बिहार के पास आईपीएल की माँग के लिए ठोस बुनियादी ढाँचागत आधार होगा।