वेनेजुएला भूकंप: मृतकों की संख्या 3,685 हुई, 29,567 बचावकर्मी अभियान में जुटे
सारांश
मुख्य बातें
वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,685 हो गई है और 16,740 से अधिक लोग घायल हैं। वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने 8 जुलाई को जारी आधिकारिक अपडेट में ये आँकड़े सार्वजनिक किए। यह भूकंप हाल के दशकों में वेनेजुएला में आई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है।
मुख्य घटनाक्रम
24 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने वेनेजुएला को हिला दिया। तब से अब तक 1,076 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। रोड्रिगेज ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप के कारण 17,907 लोग बेघर हो चुके हैं। इससे पहले जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में विस्थापितों की संख्या 17,345 बताई गई थी।
राहत एवं बचाव अभियान
मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए 29,567 बचावकर्मी राहत अभियान में लगे हुए हैं। इनमें से 3,281 बचावकर्मी अन्य देशों से आए हैं। अधिकारियों ने विस्थापित और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 80 अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी हज़ारों लोग लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भूकंप में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा, "भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की याद में आज शाम छह बजे से सात दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा।" रोड्रिगेज ने यह भी कहा कि यह बेहद दुख की घड़ी है और सरकार इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी है तथा उन्हें हर संभव सहायता एवं सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत का 'ऑपरेशन अमिस्ताद'
भारत का 'ऑपरेशन अमिस्ताद' वेनेजुएला में राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारतीय मेडिकल टीमें भूकंप प्रभावित लोगों का उपचार कर रही हैं और उन्हें मानवीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं। भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज़ों और उनके परिजनों ने भारतीय डॉक्टरों एवं चिकित्सा दल के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे राहत और पुनर्निर्माण की चुनौतियाँ और भी जटिल हो गई हैं। लापता लोगों की तलाश अभी जारी है और मृतकों का आँकड़ा आगे भी बदल सकता है।