वेनेजुएला भूकंप: 7.5 तीव्रता के झटके, 32 की मौत; PM मोदी ने जताई संवेदना, भारत ने दिया मदद का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
वेनेजुएला में 25 जून को आए विनाशकारी भूकंप के बाद उत्पन्न मानवीय संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मोदी के इस संदेश का वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने खुले दिल से स्वागत किया और भारत के प्रति आभार व्यक्त किया। अब तक इस आपदा में 32 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका है।
भूकंप का विवरण और तीव्रता
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, बुधवार रात 2204 GMT पर 7.1 तीव्रता का पहला भूकंप आया। ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का और भी शक्तिशाली दूसरा झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में समुद्र तटीय शहर मोरोन के निकट था। भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आए, जिससे उनका विध्वंसकारी प्रभाव और अधिक बढ़ गया।
USGS ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या 10,000 से 1 लाख तक पहुँच सकती है। काराकस की सड़कों पर कई इमारतें ढह गई हैं, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रही हैं।
PM मोदी की संवेदना और भारत का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'वेनेजुएला में आए भयंकर भूकंप से हुई तबाही से बहुत दुखी हूं। भारत के लोगों की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और लोगों के प्रति, खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल समय में सभी पीड़ितों के साथ खड़े हैं। भारत हर मुमकिन मदद देने के लिए तैयार है।'
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने PM मोदी की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावनाओं का दिल से स्वागत करते हैं, उन्होंने हमारे देश में आए विनाशकारी भूकंप से मची तबाही को लेकर अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं और भारत की ओर से राहत कार्यों में मदद करने की इच्छा जताई।' रोड्रिगेज लगातार आपदा से जुड़े अपडेट साझा कर रही हैं।
वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की है कि तीव्र भूकंपों से देश भर के शहरों में व्यापक नुकसान हुआ है।
आम जनता पर असर और राहत कार्य
काराकस सहित कई शहरों में भारी तबाही की खबरें हैं। रिपोर्टों के अनुसार सड़कों पर मलबे के ढेर लग गए हैं और बचाव दल राहत कार्य में जुटे हैं। USGS की चेतावनी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें वेनेजुएला पर टिकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है, जिससे राहत कार्यों की जटिलता और बढ़ जाती है।
भारत-वेनेजुएला के बीच राजनयिक संबंधों के संदर्भ में यह पहल दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले दिनों में भारत की ओर से राहत सामग्री और सहायता के विवरण सामने आने की संभावना है।