वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप, PM मोदी ने जताया शोक; ट्रंप बोले— 'शुरुआती रिपोर्ट अच्छी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
वेनेजुएला में 25 जून 2026 की रात एक के बाद एक दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था और उसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का और भी तेज झटका आया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में समुद्र तटीय शहर मोरोन के निकट था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि शुरुआती रिपोर्टें चिंताजनक हैं।
भूकंप की तीव्रता और केंद्र
USGS ने बताया कि दोनों भूकंप बुधवार रात 2204 GMT के आसपास आए और उनकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी। भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम गहराई पर आए झटके सतह पर कहीं अधिक विनाशकारी होते हैं। काराकस में रहने वाले लोगों ने खिड़कियों के हिलने और बुकशेल्फ गिरने जैसी घटनाएँ अनुभव कीं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में राजधानी की कई सड़कों पर ढही हुई इमारतें दिखाई दीं।
पड़ोसी देश कोलंबिया के कई शहरों में भी ये झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। USGS ने आशंका जताई है कि इस आपदा में अंततः 10,000 से 1,00,000 लोगों की जान जा सकती है — हालाँकि यह अनुमान प्रारंभिक है और अभी सत्यापित नहीं हुआ है।
वेनेजुएला सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की कि तेज भूकंपों से देश के कई शहरों में व्यापक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि काराकास महानगरीय क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में अनेक इमारतें धराशायी हो गई हैं। हालाँकि, उन्होंने तत्काल मृतकों या घायलों की संख्या नहीं बताई।
कैबेलो ने नागरिकों से अपील की कि आने वाले घंटों में इमारतों के भीतर न रहें, क्योंकि आफ्टरशॉक (परवर्ती झटके) के कारण और इमारतें गिर सकती हैं। उन्होंने लोगों से शांत रहने और राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने का आग्रह किया।
PM मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: 'वेनेजुएला में आए भयंकर भूकंप से हुई तबाही से बहुत दुखी हूँ। भारत के लोगों की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और लोगों के प्रति, खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।'
मोदी ने आगे कहा: 'हम घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। भारत हर मुमकिन मदद देने के लिए तैयार है।' यह संदेश भारत की पारंपरिक मानवीय कूटनीति के अनुरूप है, जिसमें प्राकृतिक आपदाओं के समय सहायता का प्रस्ताव दिया जाता है।
ट्रंप की चेतावनी और अमेरिकी सहायता का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा: 'वेनेजुएला के महान लोगों पर अभी-अभी आए दो बड़े भूकंप बहुत बड़े हैं और इनसे बहुत ज़्यादा मौतें हुई हैं। अमेरिका मदद के लिए तैयार है। मैंने सरकार की सभी एजेंसियों को जल्दी से तैयार होने का निर्देश दिया है। हम अपने नए और अच्छे दोस्तों के लिए वहाँ मौजूद रहेंगे। शुरुआती रिपोर्ट अच्छी नहीं हैं।' उल्लेखनीय है कि ट्रंप का 'नए और अच्छे दोस्त' वाला संदर्भ वेनेजुएला के साथ हाल के कूटनीतिक संपर्कों की ओर इशारा करता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता सीमित हो सकती है। USGS की प्रारंभिक चेतावनी के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियाँ और कई देश स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। आने वाले घंटों में नुकसान का पूरा आकलन सामने आने की उम्मीद है।