वेनेजुएला भूकंप: मृतकों की संख्या 2,954 पहुँची, 16,209 बेघर और 29,567 बचावकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
वेनेजुएला में 24 जून को आए दो विनाशकारी भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,954 हो गई है, जबकि 16,592 लोग घायल हैं और 16,209 लोग बेघर हो गए हैं। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने शनिवार, 5 जुलाई को यह जानकारी दी, जो इस त्रासदी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा मृत्यु-आँकड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
24 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिसके बाद से अब तक 942 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। 856 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 190 इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मध्य राज्य अरागुआ, मिरांडा और ला गुएरा तथा पश्चिमी राज्य काराबोबो, याराकुय और फाल्कन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अब तक 6,462 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
राहत एवं बचाव अभियान
प्रभावित इलाकों में 29,567 बचावकर्मी तैनात हैं, जिनमें विदेशों से आए 3,281 विशेषज्ञ भी शामिल हैं। विस्थापित और पीड़ित लोगों की सहायता के लिए अधिकारियों ने 80 अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे राहत अभियान की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि इतने बड़े पैमाने पर विदेशी बचावकर्मियों की तैनाती दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस आपदा को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने 24 जून को ही सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'पीड़ितों की याद में, मैंने आज शाम 6:00 बजे से सात दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक की घोषणा करने का फैसला किया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'गहरे दुख की इस घड़ी में, हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जो इस त्रासदी से पीड़ित हैं और हम उनके साथ रहने और उनकी सुरक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं।' रोड्रिग्ज ने यह भी कहा कि 'विनाशकारी भूकंपों से हुए जान-माल के नुकसान से वेनेजुएला की आत्मा को गहरा आघात पहुंचा है।'
आम जनता पर असर
भूकंप ने मध्य और पश्चिमी वेनेजुएला के बड़े हिस्से को तहस-नहस कर दिया है। 16,209 बेघर हुए लोगों को अस्थायी शिविरों में आश्रय दिया जा रहा है, लेकिन पर्याप्त संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या होगा आगे
बचाव अभियान अभी भी जारी है और आफ्टरशॉक का सिलसिला थमा नहीं है, जिससे राहत कार्य में बाधाएँ आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मलबे में अभी भी जीवित बचे लोगों की तलाश की जा रही है और आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।