दमिश्क में मैक्रों के काफिले से 10 किमी दूर दो धमाके, 18 घायल; सीरिया दौरा जारी रहा
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सीरिया यात्रा के दौरान 8 जुलाई को मध्य दमिश्क में हुए दो आईईडी विस्फोटों में 18 लोग घायल हो गए, जिनमें चार पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। सीरियाई गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि धमाके मैक्रों के काफिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर हुए और उनके दौरे को किसी प्रकार का सीधा खतरा नहीं था।
धमाकों का घटनाक्रम
सीरिया के गृह मामलों के प्रमुख अनस खत्ताब ने बताया कि पहला विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह 10:15 बजे हुआ और उसके लगभग आठ मिनट बाद दूसरा धमाका हुआ। शुरुआती जाँच के अनुसार, एक विस्फोटक उपकरण एक खड़ी गाड़ी के भीतर रखा गया था, जबकि दूसरा पर्यटन अधिकारियों के कार्यालय वाली इमारत के निकट सड़क किनारे रखे कचरे के डिब्बे में छुपाया गया था।
खत्ताब ने बताया कि घायलों में अधिकतर सुरक्षाकर्मी हैं। अधिकांश को मामूली चोटें आईं, परंतु चार लोगों की सर्जरी की आवश्यकता पड़ी। सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र की व्यापक तलाशी ली, जिसमें कोई अन्य विस्फोटक नहीं मिला।
सुरक्षा व्यवस्था और जाँच
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने फील्ड ऑपरेशन के दौरान दोनों आईईडी का पता लगाया था और उन्हें निष्क्रिय करने के प्रयास के दौरान विस्फोट हो गया। धमाके मैक्रों के आवास के लिए निर्धारित सुरक्षा घेरे के बाहर हुए। घटनाओं के बाद कुछ सड़कें बंद कर दी गईं और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ विस्फोट में इस्तेमाल वाहन से जुड़े सुरागों की जाँच जारी है।
मैक्रों का दौरा और द्विपक्षीय समझौते
धमाकों के बावजूद मैक्रों का दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, सीरिया के अंतरिम नेता अहमद अल-शरा ने दमिश्क के 'पीपल्स पैलेस' में मैक्रों का स्वागत किया, जहाँ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
यह 2009 के बाद किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पहली सीरिया यात्रा है। मैक्रों ने सीरियाई-फ्रांसीसी बिजनेस फोरम में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों ने बंदरगाह, विमानन, ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य, डिजिटल अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों में संयुक्त आर्थिक समितियों के गठन तथा कई समझौता ज्ञापनों एवं निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस सीरिया के पुनर्निर्माण और बैंकिंग सुधारों में सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने सीरियाई शरणार्थियों की स्वैच्छिक वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने और सीरिया की आर्थिक रिकवरी को प्राथमिकता देने की बात कही।
दमिश्क में बढ़ती सुरक्षा चिंताएँ
यह ऐसे समय में आया है जब दमिश्क में सुरक्षा की स्थिति पहले से ही नाज़ुक बनी हुई है। गौरतलब है कि एक सप्ताह से भी कम समय पहले दमिश्क के एक कैफे में बम धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हुए थे। इससे पहले मई में रक्षा मंत्रालय के बाहर कार बम विस्फोट में एक सैनिक की जान गई थी और कम से कम 18 लोग घायल हुए थे। ताज़ा धमाकों ने सीरिया की राजधानी में सुरक्षा को लेकर नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की चिंता और गहरी कर दी है।