दमिश्क के कैफे में IED धमाका: 9 की मौत, 20 घायल; इस्लामिक स्टेट पर संदेह
सारांश
मुख्य बातें
सीरिया की राजधानी दमिश्क के मध्य इलाके में 3 जुलाई को एक कैफे के भीतर हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। सीरिया के गृह मंत्रालय ने रात को जारी बयान में पुष्टि की कि यह धमाका हिजाज इलाके की अल-नस्र स्ट्रीट पर स्थित एक कैफे में हुआ।
धमाके का तरीका और स्थान
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के लिए लगभग एक किलोग्राम वजन के एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किया गया, जिसमें धातु के टुकड़े भरे हुए थे। स्थानीय समयानुसार दोपहर तीन बजे यह विस्फोट किया गया। विस्फोट स्थल जस्टिस पैलेस से पश्चिम में मात्र 70 मीटर की दूरी पर है, जो इस हमले की संवेदनशीलता को और बढ़ाता है।
राहत एवं बचाव कार्य
धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा बल और इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुँच गईं। सभी घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी एसएएनए ने आपातकालीन अधिकारियों के हवाले से बताया कि घायलों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
जाँच और संदिग्ध
अब तक किसी भी समूह ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस्लामिक स्टेट सुरक्षा की कमज़ोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। असद शासन के पतन के बाद से नई अंतरिम सरकार पूरे सीरिया पर नियंत्रण मज़बूत करने में जुटी है, और इसी दौरान इस्लामिक स्टेट कथित तौर पर अपने स्लीपर सेल पुनः सक्रिय कर रहा है, नए लड़ाकों की भर्ती कर रहा है और हथियारों की तस्करी कर रहा है।
हमलों की बढ़ती शृंखला
यह घटना सीरिया में हिंसा की एक लंबी शृंखला की ताज़ा कड़ी है। जून में उत्तरी सीरिया के अलेप्पो प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने दो सीरियाई सैनिकों की हत्या कर दी थी — उन्हें मंबिज शहर के पास उत्तर-पूर्वी ग्रामीण इलाके में निशाना बनाया गया था। इससे पहले 11 मई को उत्तर-पूर्वी सीरिया के हसाका प्रांत में एक बस पर हमले में दो सैनिक मारे गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन हमलों में इस्लामिक स्टेट की संलिप्तता का संदेह जताया गया है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि ये सभी हमले 2024 के अंत में पिछले सीरियाई प्रशासन के पतन के बाद गठित नई सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। दमिश्क विस्फोट की परिस्थितियों और ज़िम्मेदारों की पहचान के लिए जाँच जारी है। सीरिया की नई सरकार के सामने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।