त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमला: एक महिला समेत 3 और गिरफ्तार, कुल संख्या 21 हुई
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हमले के मामले में 7 नवंबर को एक महिला समेत तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे अब तक पकड़े गए संदिग्धों की कुल संख्या 21 हो गई है — जिनमें चार महिलाएँ भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हमला 2 नवंबर को कलमचौरा थाना क्षेत्र के अशाबारी गाँव में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट हुआ था।
ताज़ा गिरफ्तारियाँ
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिपाहीजाला जिले के कालापानिया से हसीना खातून नामक एक अधेड़ उम्र की महिला को शनिवार को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, BSF ने रबीउल हुसैन और महाबुल हुसैन नामक दो मुख्य आरोपियों को भी पकड़ा और रात के समय उन्हें कलमचौरा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, उपलब्ध वीडियो फुटेज में कथित तौर पर दिख रहा है कि हमले के दौरान रबीउल ने एक BSF जवान की सर्विस राइफल छीन ली, जबकि महाबुल डंडे से जवानों पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर को BSF के जवानों ने कथित तस्करों के एक समूह को रोका, जो भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार गाँजा तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद लगभग 50 पुरुषों और महिलाओं की एक भीड़ ने जवानों को घेरकर उन पर हमला कर दिया।
इस हमले में एक कंपनी कमांडर सहित तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने BSF के एक जवान से पंप-एक्शन गन (PAG) भी छीन ली और BSF के एक वाहन को क्षति पहुँचाई।
कानूनी कार्रवाई
चारों महिलाओं सहित सभी 21 आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, CCTV फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर शेष आरोपियों की पहचान कर रही है। अधिकारी ने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर घटना की समीक्षा की और राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति का जायजा लिया। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी-विरोधी अभियानों को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस और BSF संयुक्त रूप से संदिग्ध ठिकानों — जिनमें घर और दुकानें शामिल हैं — पर तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि शेष आरोपियों को पकड़ा जा सके और नशीले पदार्थों व अवैध रूप से रखे गए सामान को जब्त किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, 2 नवंबर की घटना के तुरंत बाद शुरू हुआ सघन तलाशी अभियान अभी भी जारी है।