त्रिपुरा: BSF जवानों पर हमले के आरोप में 8 गिरफ्तार, CM माणिक साहा ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के सेपाहीजाला जिले में भारत बांग्लादेश सीमा के निकट अशाबारी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हमले के सिलसिले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 3 नवंबर 2026 को पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। बाकी फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सघन तलाशी अभियान जारी है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
पुलिस अधिकारी के अनुसार, सोमवार को BSF जवानों ने कलामचौरा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत अशाबारी में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया। जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक भारतीय तस्कर को हिरासत में ले लिया, जबकि सीमा बाड़ के दूसरी ओर मौजूद बांग्लादेशी तस्कर भागने में सफल रहे।
इसके बाद पकड़ा गया भारतीय तस्कर भी किसी तरह भागने में कामयाब हो गया। अधिकारी के अनुसार, उसने ग्रामीणों के बीच यह अफवाह फैलाई कि BSF जवानों ने उसके साथ मारपीट की है। इस पर बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने BSF की गाड़ी को घेरकर जवानों पर लाठी डंडों से हमला कर दिया।
हमले का असर: तीन जवान घायल, हथियार छीनने की कोशिश
इस हिंसक झड़प में कंपनी कमांडर सहित तीन BSF जवान घायल हो गए। आरोप है कि भीड़ ने एक जवान की राइफल छीनने का भी प्रयास किया और BSF की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। हमलावरों में से एक व्यक्ति भी इस घटना में घायल हुआ।
सूचना मिलते ही BSF और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा की प्रतिक्रिया
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "बोक्सानगर के अशाबारी में BSF जवानों पर हुए हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारे सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
एक अन्य पोस्ट में साहा ने कहा, "मैं अशाबारी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर BSF जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
त्रिपुरा की संवेदनशील सीमा: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा है और यह राज्य तीन ओर से इस पड़ोसी देश से घिरा हुआ है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण यह पूर्वोत्तर राज्य सीमा पार प्रवास, तस्करी, घुसपैठ और देश विरोधी गतिविधियों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरी सीमा पर बाड़ लगाई गई है, लेकिन अवैध गतिविधियों की घटनाएं समय समय पर सामने आती रहती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की माँग लगातार उठती रही है। आने वाले दिनों में इस घटना की न्यायिक प्रक्रिया और बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।