गृह मंत्री अमित शाह का निर्देश: भारत-बांग्लादेश सीमा पर ड्रग्स-हथियार रोकने को जागरूकता शिविर लगाए जाएँ
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह ने 6 जून 2026 को अगरतला में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आवाजाही पर लगाम लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
शाह ने अगरतला के निकट शालबागान स्थित बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर मुख्यालय में सीमा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग तथा राज्य के सभी आठ सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और व्यापक सीमा प्रबंधन रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
जागरूकता शिविरों की रूपरेखा
शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले आम नागरिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँ। इन शिविरों में पटवारी, स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की अनिवार्य मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। उनका जोर था कि नागरिक भागीदारी बढ़ाए बिना सीमा सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
स्मार्ट तकनीक और निगरानी को मिलेगा बढ़ावा
शाह ने निर्देश दिया कि गृह मंत्रालय के सीसीटीवी मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू किया जाए। साथ ही बीएसएफ के सभी कैमरों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ा जाए, ताकि निगरानी तंत्र और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि केवल बाड़ लगाने से काम नहीं चलेगा — स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट तकनीक और बीएसएफ के त्रिकोणीय समन्वय से ही अभेद्य सीमा सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सकता है।
वित्तीय गतिविधियों पर भी कड़ी नजर
गृह मंत्री ने मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, बड़ी इमारतों के निर्माण और संपत्ति की खरीद-बिक्री पर कड़ी नजर रखने को कहा गया। उन्होंने पिछले पाँच वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जाँच कराने का भी आदेश दिया।
इसके अतिरिक्त, कलेक्टरों और जीएसटी अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देने तथा नकली मुद्रा के मामलों की जाँच के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से सर्वे कराने का निर्देश भी दिया गया।
आगे क्या होगा
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जागरूकता शिविरों और तकनीकी उन्नयन की समयसीमा कितनी तेजी से अमल में लाई जाती है।