अमित शाह का त्रिपुरा में ऐलान: त्रिपुरा, बंगाल या बिहार — जनसांख्यिकीय बदलाव बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 6 जून 2025 को त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे त्रिपुरा हो, पश्चिम बंगाल हो या बिहार — किसी भी राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव नहीं होने दिया जाएगा। शाह ने इसे केंद्र सरकार का 'अटूट संकल्प' बताया।
सीमा सुरक्षा पर मुख्य घोषणाएँ
शाह ने कहा कि BSF के पास पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा है। उन्होंने स्वीकार किया कि इतने विस्तृत सीमा क्षेत्र में हर खंड की चुनौती अलग है — कहीं नशे का व्यापार, कहीं मानव तस्करी, कहीं हथियारों की स्मगलिंग और कहीं नकली करेंसी की समस्या। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि जहाँ-जहाँ BSF तैनात है, वहाँ स्मार्ट बॉर्डर का निर्माण किया जाएगा।
शाह ने एक चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्थानीय प्रशासन, अत्याधुनिक तकनीक और जवानों के सहयोग से सीमाओं को अभेद्य बनाने का लक्ष्य है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर भारत में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंकाएँ राजनीतिक विमर्श में केंद्र में हैं।
जवानों की सुविधाओं पर जोर
गृह मंत्री ने सीमा प्रहरियों की सुविधाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, 'यदि किसी आवास में लगी एक ट्यूबलाइट भी मेरे सीमा प्रहरियों की सुविधा बढ़ाती है तो उसके लिए भी मैं समय देने को तैयार हूँ।' शाह ने कहा कि देश की जनता और गृह मंत्री रात को चैन से सो पाते हैं क्योंकि BSF के जवान सीमा पर रात भर जागकर देश की रक्षा करते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस और वृक्षारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और BSF के जवानों के वृक्षारोपण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जवान पूरे समर्पण के साथ एक पेड़ को अपना भाई, बहन या बच्चा मानकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। शाह ने जोड़ा कि BSF की चौकियाँ बनाने के लिए जितने पेड़ काटे गए, उससे कहीं अधिक पेड़ लगाना जवानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और ओजोन परत में छिद्र की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि भारत के पर्यावरण मॉडल को पेरिस सम्मेलन में आदर्श के रूप में स्वीकार किया गया।
गुरुजी गोलवलकर को श्रद्धांजलि
शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर ('गुरुजी') की पुण्यतिथि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने असीम धैर्य, अतुलनीय परिश्रम और मातृभूमि के प्रति अगाध भक्ति के साथ जीवन जिया और देशभर में लाखों ऐसे कार्यकर्ता तैयार किए जो देश की समृद्धि, सुरक्षा, संस्कृति और स्वाभिमान पर गर्व करते हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने स्वयं गुरुजी को कभी नहीं देखा, फिर भी उनके संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
आगे क्या
स्मार्ट बॉर्डर परियोजना और चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में सामने आने की संभावना है। गृह मंत्रालय के इस दौरे को पूर्वोत्तर सीमाओं पर बढ़ती सतर्कता का संकेत माना जा रहा है।