अमित शाह पूर्वोत्तर दौरे पर रवाना, त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा का करेंगे निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 जून को दो दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे के लिए रवाना हो गए, जिसके दौरान वे त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा सीमा चौकी का निरीक्षण करेंगे और सीमा सुरक्षा बल (BSF) सहित अन्य एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेंगे। दौरे में शाह पूर्वोत्तर परिषद (NEC) और NESAC की बैठकों की अध्यक्षता भी करेंगे।
दौरे का मुख्य कार्यक्रम
शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दो दिवसीय दौरे पर पूर्वोत्तर के लिए रवाना हो रहा हूं। त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित लंकामुरा सीमा चौकी का दौरा करूंगा और हमारे बहादुर BSF जवानों से बातचीत करूंगा।’ बांग्लादेश सीमा के दौरे के दौरान वे कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेंगे और एक सैनिक सम्मेलन में शामिल होंगे।
होटल परियोजना और राज्य सरकार की तैयारियाँ
गृह मंत्री एक होटल परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे और उसके भूमि पूजन समारोह में शामिल होंगे। इस परियोजना को त्रिपुरा सरकार और एक निजी संस्था मिलकर विकसित करेंगे। राज्य सरकार, BSF और पश्चिम त्रिपुरा ज़िला प्रशासन ने दौरे के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की हैं।
मणिपुर सीएम की प्रतिक्रिया
शाह की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने कहा कि गृह मंत्री का पूर्वोत्तर में हार्दिक स्वागत है और उनकी यह यात्रा क्षेत्र की ‘शांति, विकास और समृद्धि’ के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करती है।
सीमावर्ती राज्यों के लगातार दौरे
गौरतलब है कि शाह हाल के महीनों में पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे कई संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे पर रहे हैं। हाल ही में वे राजस्थान और गुजरात गए थे। गुजरात दौरे में उन्होंने कहा था कि BSF जवानों ने बीते 5 वर्षों में 7.5 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
‘शून्य घुसपैठ’ का संकल्प
राजस्थान दौरे के दौरान सांचू बॉर्डर का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा था कि 1965 में जिस भूमि पर वीर जवानों ने पाकिस्तान को खदेड़ा था, वहाँ खड़ा होना गर्व की बात है। उन्होंने ‘शून्य घुसपैठ’ सुनिश्चित करने को सरकार की ज़िम्मेदारी बताते हुए ‘चार कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ का उल्लेख किया और भरोसा दिलाया कि BSF को जल्द ही विश्वस्तरीय सीमा सुरक्षा तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्वोत्तर दौरे के अगले चरण के विस्तृत ब्यौरे आने वाले घंटों में सामने आने की उम्मीद है।