गृह मंत्री अमित शाह 4-5 जून को त्रिपुरा दौरे पर, भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा की होगी उच्च-स्तरीय समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4-5 जून को त्रिपुरा का दौरा करेंगे, जहाँ वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से सीमा पर सतर्कता पहले से काफी बढ़ा दी गई है।
दौरे का कार्यक्रम
अधिकारियों के अनुसार, 4 जून को गृह मंत्री शाह पहले मेघालय की राजधानी शिलांग में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे गुरुवार शाम अगरतला पहुँचेंगे और अगले दिन सीमावर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक से पहले गृह मंत्री पश्चिम त्रिपुरा जिले में सीमा के चुनिंदा स्थानों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेंगे, ताकि ज़मीनी हालात का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।
अन्य गतिविधियाँ
सीमा सुरक्षा समीक्षा के अलावा गृह मंत्री शाह कई अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे। वे कुछ बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, एक पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेंगे और एक सैनिक सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे त्रिपुरा सरकार और एक निजी संस्था की साझेदारी में विकसित होने वाली एक होटल परियोजना के भूमि पूजन समारोह में भी उपस्थित रहेंगे।
त्रिपुरा की सीमा और सुरक्षा संवेदनशीलता
त्रिपुरा भारत का वह राज्य है जो तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा है और 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। लगभग 21 किलोमीटर के दुर्गम इलाके को छोड़कर अधिकांश सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है, जिसका उद्देश्य तस्करी, घुसपैठ और सीमापार अपराधों पर अंकुश लगाना है।
गौरतलब है कि जून-जुलाई 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति फैलने और 5 अगस्त 2024 को अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद से BSF ने सीमा पर निगरानी और चौकसी में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
तैयारियाँ
त्रिपुरा सरकार, BSF और पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन इस दो-दिवसीय दौरे के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियों में जुटे हैं। यह दौरा उत्तर-पूर्व में सीमा प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार की बढ़ती सक्रियता का संकेत देता है।