दीपावली पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का आह्वान: 'वोकल फॉर लोकल' अपनाएं, स्थानीय उत्पाद खरीदें
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर को दीपावली के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का समर्थन किया और नागरिकों से स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों एवं स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर यह बात कही।
दीपावली का धार्मिक संदर्भ
नवीन ने अपने संदेश में दीपावली की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'चौदह वर्षों के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या नगरी पहुंचने पर जो दीपों का उत्सव पूरी नगरी में मनाया गया, वही आज हमारे लिए दीपावली का पर्व बना।' उन्होंने यह भी कहा कि भव्य राम मंदिर का निर्माण सनातन परंपराओं की निरंतरता का प्रतीक है।
अयोध्या दीपोत्सव की तस्वीरें साझा कीं
नितिन नवीन ने एक्स पर अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'अलौकिक, भव्य और दिव्य अयोध्याधाम! श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा यह दीपोत्सव ऐतिहासिक है। सदियों के लंबे इंतजार के बाद हमारे आराध्य रामलला के अपने निज मंदिर में विराजमान होने से यह उत्सव और भी विशेष हो गया है।' उन्होंने आगे लिखा कि अयोध्या के प्रज्ज्वलित दीप 'विकास भी, विरासत भी' के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश की पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहे हैं।
वोकल फॉर लोकल की अपील
BJP अध्यक्ष ने त्योहारी मौसम में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, 'हमें अपने आसपास के छोटे दुकानदार भाइयों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए।' यह अपील प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक लक्ष्य से जुड़ती है, जिसे सरकार विभिन्न नीतिगत पहलों के माध्यम से आगे बढ़ा रही है।
आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
नवीन ने कहा कि यह दीपावली आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम बने। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने का आह्वान किया। गौरतलब है कि 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 काल के बाद से घरेलू उद्योगों को पुनर्जीवित करने के प्रयास के रूप में प्रोत्साहित किया जाता रहा है। आने वाले त्योहारी सीजन में इस अपील का असर स्थानीय बाजारों पर किस हद तक दिखेगा, यह देखने वाली बात होगी।