दीपावली से पहले PM मोदी ने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिले, रक्षा कर्मियों संग पर्व मनाने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर 2026 को दीपावली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और घोषणा की कि वे इस वर्ष भी देश के बहादुर रक्षा कर्मियों के साथ दीपावली मनाएंगे। इसी क्रम में उन्होंने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दीं।
वीडियो संदेश और शुभकामनाओं का सिलसिला
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर 'हैव ए ग्रेट दिवाली' शीर्षक से एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, कल्याण और समृद्धि लेकर आए।' उन्होंने आगे कहा कि दीपावली का पर्व अंधकार के विरुद्ध संकल्प का प्रतीक है और पूरे देश को रोशनी से जगमगा देता है।
मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर वर्ष की परंपरा को जारी रखते हुए इस बार भी सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दीपावली का उत्सव मनाएंगे — एक परंपरा जो उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय पहचान बन चुकी है।
उपराष्ट्रपति भवन में शुभकामनाओं का आदान-प्रदान
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी उपराष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहाँ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने दीपावली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।
उपराष्ट्रपति अयोध्या दीपोत्सव में शामिल
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शनिवार को दीपोत्सव 2026 में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुंचे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर वे संतों को सम्मानित भी करेंगे।
दीपोत्सव का दसवाँ वर्ष — रिकॉर्ड दीपों का लक्ष्य
अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव 2026 इस भव्य आयोजन का दसवाँ वर्ष है। आयोजकों ने राम की पैड़ी और सरयू नदी के किनारे सहित 56 घाटों पर 30 से 33 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा है। यह आयोजन दीपावली से एक दिन पूर्व संपन्न होता है और प्रतिवर्ष अपने पैमाने में नया इतिहास रचता है।
गौरतलब है कि दीपोत्सव की यह परंपरा 2017 से शुरू हुई थी और तब से यह उत्तर प्रदेश सरकार का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। इस वर्ष के आयोजन पर सभी की निगाहें टिकी हैं क्योंकि यह राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद का दूसरा दीपोत्सव है।